उद्यानिकी विभाग ने कागजों में ही वितरित कर दी 40 करोड़ की फिल्म

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इंदौर की एक फर्म ने कागजों में ही इसकी आपूर्ति कर दी

भोपाल। यंत्रीकरण योजना, नमामि देवी नर्मदे योजना और गेंदा फूल खरीदी में घोटाले के बाद मप्र के उद्यानिकी विभाग में एक और घोटाला सामने आया है। अब 40 करोड़ रुपए की मल्चिंग फिल्म के वितरण में घोटाला सामने आया है। इंदौर की एक फर्म ने कागजों में ही इसकी आपूर्ति कर दी।

उद्यानिकी विभाग के उप सचिव श्रीकांत बनोठ ने इस मामले में संबंधित फर्म और दोषियों पर कार्रवाई के लिए पत्र लिखकर प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों से प्रतिवेदन मांगा है।
बनोठ ने यह पत्र सभी कलेक्टरों को शुक्रवार को भेज दिया है। कुछ माह पूर्व ही इस मामले में विभाग को शिकायत मिली थी। केंद्र सरकार ने प्रदेश सरकार के उद्यानिकी विभाग को करीब 40 करोड़ रुपए की राशि मल्चिंग फिल्म के लिए दी थी। यह राशि राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत प्रदेश में संरक्षित खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वित्तीय वर्ष 2019-20 में दी गई थी। यह राशि किसानों के खातों में दी जानी थी, लेकिन अधिकारियों ने मिलीभगत कर राशि निजी कंपनी के खाते में डाल दी। इसके लिए कंपनी ने फर्जी बिल, फर्जी चालान, फर्जी क्रेडिट नोट और फर्जी बैंक स्टेटमेंट का इस्तेमाल किया है। पत्र के जरिए निर्देश दिए गए हैं कि किसानों को योजना का लाभ नहीं देकर उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों, मल्चिंग फिल्म निर्माता के प्रतिनिधि और विभाग के उपक्रम एमपी एग्रो के अधिकारियों ने साठगांठ से फर्जीवाड़े को अंजाम दिया है।

दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश
विभाग की ओर से सभी कलेक्टरों को इस मामले में दोषी अधिकारियों समेत कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। ड्रिप एरिगेशन में इस्तेमाल होती है फिल्म मल्चिंग फिल्म का इस्तेमाल ड्रिप एरिगेशन में किया जाता है। इसके इस्तेमाल से पानी जल्दी भाप बनकर नहीं उड़ पाता है। यह फिल्म भूमि में नमी संरक्षण, खरपतवार नियंत्रण करने के साथ-साथ भूमि का तापमान कम करती है। अब तक चार घोटाले आए सामने उद्यानिकी विभाग में एक पखवाड़े में किसानों के साथ हुए चार बड़े घोटाले सामने आए हैं।