हाई कोर्ट में याचिका मंजूर, 25 पूर्व विधायकों से चुनाव में आने वाला खर्च एक-एक करोड़ लिए जाने की मांग

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कांग्रेस की याचिका पर हाईकोर्ट करेगा सुनवाई

भाजपा में शामिल हुए 25 पूर्व विधायकों से एक-एक करोड़ लिए जाने की मांग

भोपाल, मध्यप्रदेश में कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए 25 विधायकों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। कांग्रेस द्वारा इन विधायकों के खिलाफ लगाई गई याचिका हाई कोर्ट ने मंजूर कर ली है। याचिका में विधायकों पर चुनाव में खर्च होने वाली एक-एक करोड़ की रकम लेन की बात कही गई है। मुरैना, मेहगांव, ग्वालियर पूर्व, ग्वालियर, डबरा, बमौरी, अशोक नगर, अम्बाह, पौहारी, भांडेर, सुमावली, करेरा, मुंगावली, गोहद, दिमनी, सुवासरा, मान्धाता, सांवेर, बदनावर, हाटपिपल्या, नेपानगर, सांची (भोपाल), मलहरा (छतरपुर), अनूपपुर (राजगढ़) और सुरखी (सागर) के कांग्रेस विधायक इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल हुए हैं।

भोपाल के कांग्रेस पार्षद गुड्डू चौहान ने बताया कि पार्टी की तरफ से हाईकोर्ट में याचिका लगाई गई है। हमने कहा है कि कांग्रेस विधायक 35-35 करोड़ रुपए लेकर भाजपा में शामिल हुए हैं। इसके कारण सरकार गिर गई। उनके इस्तीफा देने के कारण दोबारा से चुनाव हो रहा हैं। हमारी हाई कोर्ट से मांग थी कि प्रत्येक विधानसभा में आने वाले लगभग एक करोड़ खर्च का भुगतान इन विधायकों से लिया जाए। क्योंकि यह विधायक थे, तो इस्तीफा क्यों दिया। इस्तीफा दे दिया, तो फिर क्यों अब विधायक का चुनाव लड़ रहे हैं। कांग्रेस की याचिका को हाईकोर्ट ने स्वीकार कर लिया है।

पांच सीटों के खिलाफ आयोग में भी शिकायत
मध्यप्रदेश में उप चुनावों में भाजपा प्रत्याशी और मंत्रियों के खिलाफ कांग्रेस चुनाव आयोग में शिकायत कर चुका है। उसने अनूपपुर से भाजपा प्रत्याशी बिसाहूलाल सिंह को पद से हटाए जाने के साथ ही सुरखी, ग्वालियर, डबरा और सांची में अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोला है। इस संबंध में कांग्रेस ने पांच पत्र चुनाव आयोग को लिखे हैं। इसमें उन्होंने भाजपा और उनके उम्मीदवारों पर सरकारी मिशनरी का दुरुपयोग करने के आरोप लगाए हैं।

14 मंत्रियों के खिलाफ भी शिकायत
मध्य प्रदेश में 28 विधानसभा सीटों पर होने वाले उप चुनाव को लेकर सियासी घमासान चरम पर पहुंच गया है। कांग्रेस ने भाजपा की चुनाव आयोग से शिकायत करके सरकार में शामिल 14 मंत्रियों को हटाने की मांग की। कांग्रेस ने इसमें डबरा से भाजपा प्रत्याशी और महिला बाल विकास मंत्री इमरती देवी के बयान का हवाला देने के साथ ही ग्वालियर में मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के कांग्रेस कार्यकर्ता से उलझने के मामले का हवाला भी दिया है।
ये 14 मंत्री हैं: तुलसी सिलावट, गोविंद सिंह राजपूत, बिसाहू लाल सिंह, ऐंदल सिंह कंषाना, इमरती देवी, प्रभुराम चौधरी, महेंद्र सिंह सिसोदिया, प्रद्युम्न सिंह तोमर, हरदीप सिंह डंग, राजवर्धन सिंह दत्तीगांव, बृजेंद्र सिंह यादव, गिर्राज दंडोदिया, सुरेश धाकड़ और ओपीएस भदौरिया शामिल हैं।