राज्यसभा और लोकसभा से बड़ी है ग्राम सभा – रंजीत सिंह उइके

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राज्यसभा और लोकसभा से बड़ी है ग्राम सभा – रंजीत सिंह उइके

कृषि, क्षेत्र में मजदूरों के लिए केन्द्र सरकार द्वारा कानूनों एवं अध्यादेशों का जिले के सभी पंचायतों में 2 अक्टूबर की ग्राम सभा में इसका विरोध किया जाए

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Syed Javed Ali
मण्डला – राजीव गांधी पंचायती राज संगठन जिला मण्डला के संयोजक रंजीत सिंह उइके ने कहा कि माननीय मोदी जी की सरकार और उनके मनमाने रवैये से देश मंें हर रोज आक्रोश पनप रहा है, जनतंत्र का गला घोंटने वाली सरकार हमारे प्रजातांत्रिक ढाॅंचे को तहस-नहस करने पर तुली है। संख्या के आंकड़ों से राज्यसभा और लोकसभा में बिल पारित करने वाली सरकार को समझना चाहिए कि जनता की अदालत ने अभी उसे हरी झंडी नहीं दी है। आज हमारा संगठन इस सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए पंचायती राज की ग्राम सभाओं में जाने का मन बना चुका है। भारत के 5 लाख गांवों में रहने वाली करोड़ों लोग ग्राम सभा के माध्यम से नये भारत की नींव रखेंगे। श्रमिकों के अधिकार के लिए हमारे संविधान निर्माता बाबा साहेब डाॅ. भीम राव अम्बेडकर जी व देश के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी निरंतर कार्य करते है। हमें यह भी याद रखना होगा कि समाज के हाशिये पर खड़े दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्ग के लोग ही ज्यादातर श्रमिकों के रूप में सेवाए दे रहे हैं। ऐसी परिस्थितियों में अगर आज ये कहा जाए कि ऐसे कानून परिवर्तनों से हम गुलामी के मार्ग पर अग्रसर है तो यह अतिश्योक्ति नहीं होगी। ऐसे काले कानूनों के खिलाफ आवाज बुलंद की जाए ताकि यह गूंगी बहरी षड़यंत्रकारी सरकार कुम्भकर्णी नींद से जाग जाए। आजादी के बाद कांग्रेस सरकार ने किसानों के हक में बड़ा फैसला लिया और देश भर के किसानों को उनकी कृषि जौत की भूमि का भूमि स्वामी बनाया। देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरूजी ने बांधों की आधारशिला रखी, पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्रीजी ने जय जवान-जय किसान, का नारा दिया और किसानों को उनकी फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) दिया जाना सुनिश्चित कराया। पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमति इंदिरा गांधीजी ने हरित और श्वेत क्रांति का नारा दिया, देश में कृषि को आत्मनिर्भर बनाने के लिये विश्वविद्यालय, बैंको का राष्ट्रीकरण, सिलिंग एक्ट एवं कृषि मंडियों की स्थापना कर कृषि के क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिये ठोस कदम उठाए। पूर्व प्रधानमंत्री डाॅ.मनमोहन सिंह जी के कार्यकाल में श्रीमति सोनिया गांधीजी की प्रेरणा से किसानों का 72 हजार करोड़ का कर्ज माफ हुआ एवं भूमि अधिग्रहण कानून के माध्यम से किसानों की सहमति के बिना अधिग्रहण को अवैध ठहराया गया। उनकी भूमि को बाजार भाव से 4 गुना ज्यादा मूल्य दिया जाना सुनिश्चित किया। मध्यप्रदेश में श्री कमलनाथ जी के मुख्यमंत्री काल में किसानों का 2 लाख रूपये का कर्जा माफ करने की दिशा में 26 लाख से अधिक कृषकों का कर्ज माफ किया गया जिसे वर्तमान भाजपा सरकार ने भी स्वीकार किया हैं एवं शेष किसानों के कर्ज माफी की दिशा में कार्य आगे बड़े रहा था कि भाजपा ने षड़यंत्र पूर्वक कांग्रेस सरकार गिरा दी। राजीव गांधी पंचायत राज संगठन जिला मण्डला के संयोजक रंजीत सिंह उइके ने जिले के सभी ग्राम पंचयातों में 2 अक्टूबर गांधी जंयती के अवसर पर ग्राम सभाओं में केन्द्र सरकार द्वारा लाये गये इन कानूनों के विरोध में ग्राम सभाओं में प्रस्ताव पारित कर केन्द्र सरकार की दमनकारी नीतियों के खिलाफ अपना मत दर्ज कराएं क्योंकि राज्यसभा और लोकसभा से बड़ी है ग्राम सभा।