पूर्व विधायक शकुंतला खटीक के चुनाव लडऩे पर अब कोई बाधा नहीं

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तीन साल की सजा पर मिला स्टे

khemraj morya
शिवपुरी। करैरा की पूर्व विधायक शकुंतला खटीक को शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने के मामले में तीन साल की सजा सुनाई गई थी। जिस पर जबलपुर हाईकोर्ट ने स्टे दे दिया है। जिससे उनके आगामी विधानसभा उपचुनाव में लडऩे पर कोई बाधा शेष नहीं रह गई है।

श्रीमति खटीक को विधायकों के लिए बनाई गई स्पेशल कोर्ट भोपाल ने सजा सुनाई थी।
8 जून 2017 को करैरा पुलिस सहायता केन्द्र पर जब किसानों का आंदोलन चल रहा था तो वहां उस समय की विधायक शकुंतला खटीक पहुंची। पुलिस ने भीड़ को कंट्रोल करने के लिए पानी की बौछार की। जिससे विधायक भीग गई थी। आरोप है कि विधायक ने सार्वजनिक तौर पर तत्कालीन टीआई संजीव तिवारी के साथ अभ्रदता करते हुए झूमाझटकी की और अपने समर्थकों को उकसाते हुए थाने में आग लगाने की बात कही थी। यह वीडियो मीडिया में जमकर वायरल हुआ था। इसके बाद पुलिस ने विधायक शंकुतला खटीक, नारायण जाटव, ब्लॉक कांगे्रस अध्यक्ष वीनस गोयल, मनीष खटीक, सतीश, दीपक गुप्ता के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर स्पेशल कोर्ट भोपाल में पेश किया। जिस पर सुनवाई करते हुए दिसंबर 2019 में सभी आरोपियों को तीन-तीन साल की सजा और 5-5 हजार रूपए जुर्माने की सजा सुनाई गई थी।