कमर और पेट की साइज फिट रखने के लिए अपनाएं ये उपाय

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काली मिर्च और नींबू का सेवन कर कमर और पेट पर एक्सट्रा चर्बी करें कम

पतली कमर और सपाट पेट की चाहत हम सभी की होती है। मगर हमारे बीच ऐसे बहुत कम खुशकिस्मत लड़के-लड़कियां होते हैं, जिनकी यह चाहत प्राकृतिक रूप से पूरी हुई हो। यानी उन्हें बिना मेहनत किए अनुवांशिक रूप से इस तरह का फिगर मिला हो। खैर, दिल जलाने से कोई लाभ नहीं है। आप अगर पतली कमर और सपाट पेट की इच्छा रखते हैं तो नींबू और काली मिर्च का एक खास तरह से सेवन आपकी इस इच्छा को पूरा कर सकता है…

-पतली कमर पाने की चाहत पूरी करने के लिए जरूरी है कि आप अपनी कमर के चारों तरफ जमा एक्स्ट्रा चर्बी को हटाने का प्रयास करें। इसके लिए आपको उन फूड्स का उपयोग करना होगा, जो शरीर में जमा वसा को हटाने का काम करते हैं।

-इस काम में नींबू, काली मिर्च, गर्म पानी और शहद आपकी सहायता कर सकते हैं। आपके मन में यह सवाल आ सकता है कि शहद कैसे फैट कम करता है? तो जान लीजिए कि प्राकृतिक फूड्स आपके शरीर पर किस तरह का असर करेंगे, यह सब इस बात पर निर्भर करता है कि आप किस संयोग के साथ उसका सेवन कर रहे हैं।

-यानी आप उस खाद्य पदार्थ (फूड) के साथ दूसरी किस चीज का सेवन कर रहे हैं। क्योंकि इस स्थिति में आपके शरीर पर सभी फूड्स के संयुक्त परिणाम से तैयार गुणों का प्रभाव पड़ता है।

-आपको एक गिलास गुनगुना पानी चाहिए। अब इस पानी में 1 नींबू का रस निचोड़ लें। इसके बाद 1/4 चम्मच काली मिर्च का पाउडर मिलाएं। अब इस पानी में 1 चम्मच शहद मिला लें। जब ये सभी चीजें पानी में अच्छी तरह घुल जाएं तो इस तैयार ड्रिंक को पी लें।

-आपको इस ड्रिंक का सेवन नियमित रूप से सुबह के समय करना है और खाली पेट करना है। यानी सुबह की शुरुआत इस शानदार ड्रिंक के साथ। यदि आपको काली मिर्च पाउडर के कारण दिक्कत हो तो आप इसकी मात्रा घटाकर एक चुटकी भी कर सकते हैं।

-ज्यादातर लोग इस बात को जानते हैं कि गुनगुने पानी में नींबू निचोड़कर हर दिन सुबह के समय पीने से शरीर का फैट घटता है। अगर आप सुबह के समय यह काम ना कर पाएं तो दिन में किसी भी समय कम से कम दो बार नींबू पानी का सेवन करें।

-ध्यान रखें कि नींबू पानी का सेवन ताजे या ठंडे पानी में सिर्फ गर्मियों के मौसम में करना चाहिए। सितंबर और अक्टूबर के शुरुआती सप्ताह में भी आप दिन के समय में ताजे पानी में नींबू का सेवन कर सकते हैं। लेकिन सर्दियों और बरसात के मौसम में पानी हल्का गर्म ही होना चाहिए। ताकि आप गले से संबंधित रोगों और सर्दी-जुकाम की चपेट में ना आएं।