बायपास सर्विस रोड कच्चा होने से किसान परेशान

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प्रतिदिन फंस रहे वाहन, किसानों ने दी आंदोलन की चेतावनी

amjad khan
शाजापुर। बायपास किनारे जिम्मेदारों द्वारा सर्विस रोड नही बनाए जाने से वाहन चालकों के साथ ही किसानों को भी भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। वहीं विभाग के जिम्मेदार अधिकारी इस समस्या को लेकर गंभीरता दिखाते नजर नही आ रहे हैं जिससे अब किसानों में आक्रोश व्याप्त होने लगा है। उल्लेखनीय है कि शहर से निकले बायपास पर कई स्थानों पर जिम्मेदारों द्वारा सर्विस रोड को कच्चा ही छोड़ दिया गया है जिसकी वजह से बारिश के कारण सर्विस रोड पर दलदल बन गया है और उसमें वाहन धंसने लगे हैं। बायपास पर पिलियाखाल के समीप 71 नंबर पर सर्विस रोड के कच्चा होने से आसपास के किसानों को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि सर्विस रोड स्वीकृत होने के बाद भी जिम्मेदारों ने उसे पक्का नही किया है, जिसकी वजह से छोटे-बड़े वाहन रोड पर फंस रहे हैं और खेत तक पहुंचने में भी भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि उन्होने निर्माण एजेंसी के जिम्मेदारों के साथ ही एनएच 52 के अधिकारियों से भी शिकायत की है, लेकिन उन्होने अब तक समस्या का समाधान करने के लिए कोई ठोंस कार्रवाई नही की है। किसानों का कहना है कि यदि समस्या का शीघ्र ही समाधान नही किया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन किया जाएगा जिसकी जिम्मेदारी हाईवे के जिम्मेदारों की रहेगी।

पल्ला झाड़ रहे जिम्मेदार, किसानों में आक्रोश
बायपास पर कई स्थानों पर सर्विस रोड कच्चा पड़ा हुआ है जिससे किसानों को भारी मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। वहीं इस पूरे मामल में अनुबंध का हवाला देते हुए हाईवे के जिम्मेदार अपने कर्तव्यों को पल्ला झाड़ते हुए नजर आ रहे हैं। हाईवे से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि जितना अनुबंध हुआ है उतना ही निर्माण किया गया है। हर जगह सर्विस रोड पक्का हो यह मुमकिन नही है। फिलहाल वजह जो भी रही हो लेकिन जिम्मेदारों के इस गैर जिम्मेदाराना रवैये को लेकर अब किसानों में आक्रोश पनपता नजर आ रहा है और वे सडक़ों पर उतरने की बात कह रहे हैं। समय रहते यदि समस्या हल नही हुई तो किसान आंदोलन कर सकते हैं।

इनका कहना है
शाजापुर में यदि सर्विस रोड कच्चा है तो इसमें हम कुछ नही कर सकते, क्योंकि सर्विस रोड का निर्माण अनुबंध के आधार पर किया जाता है। अनुबंध में जहां पक्का रोड बनाने का होता है वहीं बनाया जाता है।
-मनीष असाटी, एनएच 52 प्रोजेक्ट डायरेक्टर एनएचआई इंदौर।