बैंक की लापरवाही के खिलाफ धरने पर बैठे किसान, समस्या हल नही होने पर दी उग्र आंदोलन की चेतावनी

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amjad khan
शाजापुर। बैंक की लापरवाही के कारण फसल बीमा नही होने से नाराज किसानों ने बैंक कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन कर नारेबाजी की। साथ ही ज्ञापन सौंपकर समस्या को हल किए जाने की मांग की। सोमवार को भारतीय किसान संघ तहसील शाजापुर अध्यक्ष मुकेश पाटीदार के नेतृत्व में सैकड़ों किसान शाजापुर यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के सामने धरने पर बैठ गए।

किसानों का आरोप था कि बैंक प्रबंधन की लापरवाही के कारण किसानों का फसल बीमा नही हो सका है। धरना प्रदर्शन के बाद किसानों ने ज्ञापन सौंपा जिसमें बताया कि शाजापुर जिले की यूनियन बैंक ऑफ इंडिया शाखा शाजापुर में लगभग 2500 किसान क्रेडिट कार्ड हैं, जिसका किसान प्रति 6 माह में पलटी करते हैं। खरीफ वर्ष 2019 में समस्त किसानों के खाते से खरीफ बीमा प्रीमियम किश्त बैंक की लापरवाही के कारण नही काटी गई, जिसके कारण किसानों की फसल का बीमा नही हो सका और बीमा क्लेम की राशि से समस्त किसान वंचित रह गए। ज्ञापन में बताया गया कि बैंक की गलती का खामियाजा किसान नही उठाएंगे इसलिए उक्त समस्या के लिए वर्ष 2019 खरीफ में ऋणि किसानों को बैंक अपने निजी फंड से हल्के में नुकसान के प्रतिशत के आधार पर बीमा क्लेम दे।

किसान करेंगे उग्र आंदोलन
यूनियन बैंक के बाहर धरने पर बैठे किसानों ने प्रबंधन पर अभद्रता किए जाने का आरोप भी लगाया। नायब तहसीलदार को सौंपे गए ज्ञापन में किसानों ने बताया कि जब बीमा क्लेम संबंधी जानकारी किसानों द्वारा प्रबंधक से मांगी जाती है तो वे अभद्र व्यवहार करते हैं। साथ ही शाजापुर जिले की अन्य बैंक ब्याज के माध्यम से खाते की पलटी करती है, लेकिन यूनियन बैंक दबाव बनाकर किसानों से सारा पैसा मंगवाती है और इसके बाद किसानों के खाते की पलटी की जाती है। फसल खराब होने पर किसान एक साथ सारा पैसा नही ला सकते हैं इसलिए यूनियन बैंक में भी ब्याज से पलटी की जाए। वहीं किसान नेताओं ने चेतावनी भी दी है कि यदि उक्त समस्या के संबंध में बैंक की जवाबदेही तय नही हुई तो 15 अक्टूबर 2020 के बाद किसान बैंक के खिलाफ उग्र आंदोलन करेंगे जिसकी जवाबदारी बैंक और शासन-प्रशासन की रहेगी। धरना स्थल पर मोहन चौधरी, अनिल पाटीदार, ललित नागर, सतीश पाटीदार, छगन चौधरी विजय रंथभंवर आदि किसान मौजूद थे।