शर्तों के साथ चुनावी सभा में मनचाही भीड जुटाने की मिली छूट

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कोरोना महामारी के बीच केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जारी की नई गाइडलाइन

भोपाल/नई दिल्ली। मप्र सहित 11 राज्यों में होने वाले उपचुनाव और बिहार विधानसभा चुनाव में राजनेता अब मनचाही भीड़ जुटा सकते हैं। भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने गुरूवार को इसके लिए नई गाइडलाइन जारी कर दी है। नई गाइडलाइन चुनाव वाले इलाकों के लिए जारी की गई है। जहां पर अभी चुनाव होने वाले हैं। मप्र के जनसंपर्क आयुक्त सुदाम खाडे ने बताया कि इसके अनुसार अब स्टेट गवर्नमेंट अन्य कार्यक्रम के लिए भी नई गाइडलाइन जारी कर सकती है।
गौरतलब है कि मप्र में 28 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होना है। चुनाव आयोग ने कोरोना महामारी को देखते हुए गाइड लाइन जारी की थी कि चुनावी कार्यक्रमों में 100 से अधिक लोग शामिल नहीं हो सकते हैं। सूत्र बताते है कि राजनीतिक पार्टियों की मांग पर गृह मंत्रालय ने चुनाव आयोग से इसके लिए अनुमति मांगी और नई गाइड लाइन जारी की है।

यह इन शर्तों के साथ मिलेगी अनुमति
बंद कमरे में हॉल की क्षमता के 50 प्रतिशत ही लोग रह सकते हैं। यह संख्या 200 से ज्यादा नहीं हो सकती है।
सभी को मास्क पहनना अनिवार्य है। साथ में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा। सभी की थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी और हैंड वॉश और सैनिटाइजर अनिवार्य है।

खुले इलाकों में ग्राउंड के आकार के अनुसार सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए लोगों को एकत्रित किया जा सकता है। सभी को सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क और अन्य तरह के सुरक्षा पैरामीटर पूरे करने के बाद ही प्रवेश दिया जाएगा। इसमें थर्मल स्क्रीनिंग और हाथ धोने तथा सैनिटाइजर का उपयोग किया जाना अनिवार्य है। आयोजक की जिम्मेदारी है कि वह कि वह इस पूरी गाइडलाइन का सख्ती से पालन करें। पूरे कार्यक्रम की वीडियो ग्राफी कराना अनिवार्य है। उसकी रिकॉर्डिंग 48 घंटे में जिला प्रशासन को देना होगा।
कार्यक्रम की पहले से अनुमति लेना अनिवार्य है। इसमें स्थान, जगह और संख्या आदि की पूरी जानकारी देना होगा।

प्रशासन की अनुमति जरूरी: डॉ. राजौरा
मप्र के अपर मुख्य सचिव गृह डॉ. राजेश राजौरा ने बताया है कि जिला प्रशासन की अनुमति से खुले मैदान में 100 से अधिक संख्या में जनसमूह के राजनैतिक कार्यक्रम फेस मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग, सेनेटाइजेशन और थर्मल स्केनिंग की व्यवस्थाओं के पालन की शर्तों के साथ आयोजित हो सकेंगे। डॉ. राजौरा ने बताया कि आयोजकों को जिला प्रशासन के समक्ष लिखित आवेदन प्रस्तुत करना होगा, जिसमें कार्यक्रम की तिथि, समय, स्थान एवं संभावित जनसमूह की संख्या का उल्लेख करना जरूरी होगा। जनसमूह की संख्या एवं शर्तों का पालन कराने की जिम्मेदारी आयोजकों की रहेगी। जिला कलेक्टरों द्वारा आवेदन पर विचार करने के बाद कार्यक्रम की लिखित अनुमति प्रदान की जायेगी। किसी भी हालत में उक्त कार्यक्रम कंटेन्मेंट जोन में आयोजित नहीं हो सकेंगे। कार्यक्रम की वीडियोग्राफी आयोजकों को कार्यक्रम समाप्ति के 48 घंटो में प्रशासन को उपलब्ध करानी होगी। डॉ. राजौरा ने बताया कि बिना अनुमति 100 से अधिक जनसमूह के कार्यक्रम करने अथवा प्रदत्त अनुमति में उल्लेखित शर्तों के उल्लंघन पर संबंधितों के विरूद्ध धारा-188 भारतीय दण्ड विधान के अन्तर्गत वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।