कान्हा में शुरू हुआ हाथी पुनर्याैवनीकरण (रेजुविनेशन) कैम्प

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सूपखार परिक्षेत्र में 12 अगस्त तक 16 विभागीय हठी करेंगे आराम

Syed Javed Ali
मंडला – कान्हा टाइगर रिजर्व के अंतर्गत सूपखार परिक्षेत्र में हाथियों का रेजुविनेशन केम्प का शुभारंभ किया गया। यह केम्प दिनांक 06/08/2020 से 12/08/2020 तक रहेगा। इस दौरान 16 विभागीय हाथियों के स्वास्थ्य की विशेष रूप से देखभाल की जाऐगी। महावत एवं चाराकटरों द्वारा विभागीय हाथियों को पूर्ण आराम के अतिरिक्त उनकी विशेष सेवा में सप्ताह भर लगे रहेगें।

इस अवधि में प्रतिदिन प्रातः महावत एवं चाराकटरों द्वारा हाथियों को रिजुविनेशन केम्प में लाया जाऐगा एवं केम्प में हाथियों के पैर में नीम तेल तथा सिर में अरण्डी तेल की मालिश की जाऐगी। इसके अतिरिक्त खुराक, विटामिन्स, मिनरल, गन्ना, केला, मक्का, आम, अनानास, नारियल आदि खिलाकर जंगल में छोड़ा जाऐगा। अपरांह मेें हाथियों को जंगल से वापस नहलाकर केम्प मेें लाया जाऐगा एवं केम्प में रोटी, गुड़ नारियल, पपीता खिलाकर उन्हें पुनः जंगल में स्वतंत्र विचरण हेतु छोड़ा जाऐगा। इसके अतिरिक्त हाथियों के रक्त के नमूने जांच हेतु लिये जाऐंगे। हाथियों के नाखूनों की ट्रिमिंग, दवा द्वारा पेट के कृमियों की सफाई तथा हाथी दांत की आवश्यतानुसार कटाई की जाऐगी।

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उल्लेखनीय है कि विगत अनेक वर्षाे से कान्हा टाइगर रिजर्व में विभागीय हाथियों का प्रबंधन किया जाता रहा है। वर्तमान इन हाथियों का प्रमुख उपयोग वन्यप्राणियों की सुरक्षा, गश्ती, वन्यप्राणी बचाव, बाघ उपचार, ट्रांसलोकेशन, वन्यप्राणी अनुश्रवण आदि कार्य में किया जाता है। हाथी रिजुविनेशन केम्प के दौरान 16 विभागीय हाथियों के स्वास्थ्य की विशेष देख-रेख की जाऐगी। इस दौरान सभी महावत एवं चाराकटर विभागीय हाथियों को पूर्ण आराम के अतिरिक्त उनकी विशेष सेवा में रहेगें तथा हाथियों को अतिरिक्त खुराक/विटामिन्स/मिनरल/फल-फूल आदि परोसे जायेंगे। इस अवसर पर हाथियों की सेवा में लगे समस्त महावतों एवं चाराकटरों का स्वास्थ्य परीक्षण भी किया जाऐगा। इस अवधि में प्रतिदिन प्रातः चाराकटर द्वारा हाथियों को नहलाकर रिजुविनेशन केम्प में लाया जाता है एवं केम्प में हाथियों के पैर में नीम तेल तथा सिर में अरण्डी तेल की मालिश की जाती है। इसके पश्चात् गन्ना, केला, मक्का, आम, अनानास, नारियल आदि खिलाकर जंगल में छोड़ा जाता है। दोपहर मेें हाथियों को जंगल से वापस नहलाकर केम्प मेें लाया जाता है। इसके पश्चात् केम्प में रोटी, गुड़ नारियल, पपीता खिलाकर उन्हें पुनः जंगल में छोड़ा जाता है।

रिजुविनेशन केम्प के दौरान हाथियों के रक्त के नमूने जांच हेतु लिये जाते है। हाथियों के नाखूनों की ट्रिमिंग, दवा द्वारा पेट के कृमियों की सफाई तथा हाथी दांत की आवश्यतानुसार कटाई की जाती है। ऐसे केम्प के आयोजन से एक ओर जहां हाथियों में नई ऊर्जा का संचार होता है एवं मानसिक आराम मिलता है, वहीं इन सामाजिक प्राणियों को एक साथ समय बिताने का अनोखा अवसर प्राप्त होता है।

इस अवसर पर एल. कृष्णमूर्ति, भा.व.से., क्षेत्र संचालक, सुश्री अंजना सुचिता तिर्की, भा.व.से., उप संचालक (कोर), बी.के. वरकड़े, भा.व.से., उप संचालक (बफर), डाॅ. संदीप अग्रवाल, वन्यप्राणी चिकित्सक एवं कान्हा टायगर रिजर्व के अन्य वनाधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहें। वर्तमान में कोविड-19 वैश्विक महामारी को ध्यान में रखते हुये कम से कम संख्या में उपस्थित होकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।