स्टार प्रचारकों की संख्या पर भी चली चुनाव आयोग की कैंची

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स्टार प्रचारकों की संख्या 30 से अधिक नहीं

भोपाल। कोरोना संक्रमण के खतरे के बीच होने वाले मध्यप्रदेश में अब तक के सबसे बड़े उपचुनाव में इस बार बहुत से नजारे बदले हुए नजर आएंगे। चुनावी रैलियां, पोलिंग बूथ और प्रत्याशियों का चुनाव प्रचार भी कुछ अलग होगा। इसी बीच चुनाव आयोग ने कोरोना को देखते हुए राजनीतिक दलों के लिए स्टार प्रचारकों की व्यवस्था में भी बदलाव किया है और पहले के चुनावों की तुलना में उपचुनाव में स्टार प्रचारकों की संख्या कम कर दी है। गुरुवार को चुनाव आयोग की तरफ से स्टार प्रचारकों की सूची में कटौती किए जाने की जानकारी दी गई।

चुनाव आयोग ने कोरोना संक्रमण को देखते हुए राजनीतिक दलों के लिए स्टार प्रचारकों की संख्या में कटौती करने का फैसला लिया है। चुनाव आयोग ने उपचुनाव के लिए स्टार प्रचारकों की संख्या कम करते हुए मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय व राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों के लिए स्टार प्रचारकों की संख्या 40 से घटाकर 30 निर्धारित की है। इसी तरह से पंजीकृत गैर राजनीतिक दलों के लिए स्टार प्रचारको की संख्या 20 से घटाकर 15 की गई है। साथ ही चुनाव आयोग ने ये भी तय किया है कि उपचुनाव के लिए सभी दल नामांकन की अधिसूचना से 7 दिन की बजाए अब 10 दिनों के अंदर स्टार प्रचारकों की सूची प्रस्तुत कर सकेंगे। स्टार प्रचारकों के कार्यक्रम की अनुमति भी संबंधित जिला अधिकारी से 48 घंटे पहले अब पार्टियों को लेनी होगी। बता दें कि चुनाव के वक्त राजनीतिक दल स्टार प्रचारकों की सूची जारी करते हैं और निर्धारित कार्यक्रम के तहत स्टार प्रचारक अपनी अपनी पार्टी के प्रत्याशी के लिए विधानसभा क्षेत्र में जाकर चुनाव प्रचार करते हैं। माना जाता है कि स्टार प्रचारकों की सभाओं, रैलियों और रोड-शो में ज्यादा भीड़ जुटती है और क्योंकि भीड़ से कोरोना संक्रमण के फैलने का खतरा ज्यादा है इसलिए चुनाव आयोग ने इस बार स्टार प्रचारकों की सूची में कटौती करने का फैसला लिया है।

कोरोना के कारण पोलिंग बूथ पर ये बदलाव ?
बता दें कि 3 नवंबर को उपुचनाव के लिए होने वाली वोटिंग के दौरान वोटर्स को पोलिंग बूथ पर भी कई बदलाव नजर आएंगे। जिनमें वोटिंग से एक दिन पहले पोलिंग स्टेशन को सैनिटाइज किया जाएगा। एक पोलिंग बूथ पर इस बार 1500 की जगह 1000 वोटर्स ही वोट डाल सकेंगे। बिना मास्क लगाए वोट डालने के लिए आने वाले वोटर्स क मास्क दिया जाएगा। पोलिंग स्टेशन पर सैनेटाइजरस पानी और साबुन की व्यवस्था होगी। वोट डालने पहुंचे वोटर्स की थर्मल स्कैनिंग की जाएगी और अगर दो बार टैम्परेचर तय पैमाने से ज्यादा आया तो उन वोटर्स को टोकन या फिर एक सर्टिफिकेट दिया जाएगा और वो वोटर्स वोटिंग के आखिरी घंटे में ही वोट डाल पाएंगे। हर पोलिंग बूथ पर तीन कतारें होंगी। जिनमें से एक महिलाओं, एक पुरुषों और एक दिव्यांग व सीनियर सिटीजन के लिए होगी हर कतार में सोशल डिस्टेंसिंग के लिए 6-6 फीट की दूरी पर सर्कल बनाए जाएंगे जिनमें वोटर्स को खड़ा होना होगा। इतना ही नहीं पोलिंग बूथ पर रजिस्टर में साइन करने और ईवीएम का बटन दबाने के लिए वोटर्स को ग्लब्स भी दिए जाएंगे।