इंदौर की डॉ. पल्‍लवी तिवारी को ब्रेन ट्यूमर रिसर्च में मिला अमेरिका का जॉनसन एण्‍ड जॉनसन स्‍कॉलर अवार्ड

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भारतीय मुद्रा में करीब सवा करोड़ रुपए अवार्ड में प्रदान किए जाएंगे

डॉ. पल्‍लवी को अमेरिकी सरकार द्वारा ब्रेन ट्यूमर में उनकी रिसर्च के लिए विशेष सराहना मिल चुकी है

भारत सरकार द्वारा 100 वूमेंस अचीवर्स में चयनित किया गया था

brijesh parmar
इंदौर। ब्रेन ट्यूमर रिसर्च में दुनिया को चौंकाने वाली डॉ. पल्‍लवी तिवारी को जॉनसन एण्‍ड जॉनसन स्‍कॉलर अवार्ड के लिए चुना गया है। इंदौर मूल की डॉ. पल्‍लवी तिवारी को 1.5 अमेरिकी डॉलर यानी भारतीय मुद्रा में करीब सवा करोड़ रुपए अवार्ड में प्रदान किए जाएंगे। इसके साथ ही उन्‍हें तीन साल की मेंटरशिप भी दी जाएगी। उल्‍लेखनीय है कि जॉनसन एण्‍ड जॉनसन द्वारा यह पुरस्‍कार युवा महिला लीडर्स को उनके संबंधित विषय में योगदान के लिए दिया जाता है। इससे पहले डॉ. पल्‍लवी तिवारी को अमेरिकी सरकार (स्टेट ऑफ हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव) द्वारा ब्रेन ट्यूमर में उनकी रिसर्च के लिए विशेष सराहना मिल चुकी है।

उल्‍लेखनीय है कि दुनियाभर के तमाम विश्‍वविद्यालयों से जुड़ी 541 युवा महिलाओं ने इस अवार्ड के लिए आवेदन किया था। ज्‍यूरी ने डॉ. पल्‍लवी तिवारी को प्रौद्योगिकी श्रेणी में ब्रेन ट्यूमर की महत्वपूर्ण नैदानिक समस्याओं को दूर करने के लिए किए गए अत्याधुनिक अनुसंधान के लिए चुना है। डॉ। पल्‍लवी ने अपने अत्‍याधुनिक अनुसंधान में कम्प्यूटेशनल इमेजिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग जैसे महत्‍वपूर्ण विषयों को शामिल किया था। डॉ. पल्‍लवी के अतिरिक्‍त कई अन्‍य युवा महिलाओं को भी मेडिकल, इंजीनियरिंग से संबंधित क्षेत्र में उत्‍कृष्‍ट अनुसंधान के लिए सम्‍मानित किया गया है।

साथ में इनको भी मिला सम्‍मान
जॉनसन एण्‍ड जॉनसन स्‍कॉलर अवार्ड पाने वालों में डॉ. पल्‍लवी तिवारी के अलावा पांच नाम और भी शामिल हैं। इनमें खगोल विज्ञान के क्षेत्र में अध्‍ययन कर रही इल क्लीवेज का नाम भी शामिल है। इल क्‍लीवेज वर्जीनिया विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर के पद पर तैनात हैं। वहीं, इंजीनियरिंग के क्षेत्र में स्कूल ऑफ बायोमेडिकल इंजीनियरिंग, ब्रिटिश कोलंबिया विश्वविद्यालय की सहायक प्रोफेसर कैरोलिना ट्रोपिनी के नाम का चुना गया है। विनिर्माण के क्षेत्र में सिंथिया सुंग को अवार्ड मिला है। सिंथिया सुंग पेन्सिलवेनिया विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर के पद पर तैनात हैं। इसके अलावा, गणित के क्षेत्र में भारत मूल की समरचना अधिकारी को अवार्ड दिया गया है। वह NYU ग्रॉसमैन स्कूल ऑफ मेडिसिन में सहायक प्राध्यापक हैं। इसके अलावा, डिजाइन के क्षेत्र में क्वींसलैंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की वेरोनिका गार्सिया को चुना गया है।

भारत सरकार द्वारा 100 वूमेंस अचीवर्स में चयनित किया गया था
मध्‍य प्रदेश के इंदौर शहर की रहने वाली डॉ. पल्लवी तिवारी अमेरिका में प्रतिष्ठित केस वेस्टर्न रिजर्व यूनिवर्सिटी, क्लीवलैंड में बायोमेडिकल इंजीनियरिंग विभाग में सहायक प्रोफ़ेसर है। राष्‍ट्रपति के हाथों से सम्‍मान पाने वाली डॉ. पल्‍लवी तिवारी को इससे पूर्व भारत सरकार द्वारा 100 वूमेंस अचीवर्स में चयनित किया गया था। वहीं, अमेरिका में यह पहला मौका नहीं है, जब डॉ। पल्‍लवी तिवारी को सम्‍मानित किया गया हो। इससे पूर्व उन्‍हें उनकी रिसर्च के लिए अमेरिका में 40 अंडर 40 के लिए भी चयनित किया जा चुका है। डॉ. पल्‍लवी तिवारी को अमेरिका के रक्षा मंत्रालय द्वारा युवा इन्वेस्टिगेटर अवार्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है।