हवा से नहीं फैलता कोरोना वायरस: WHO

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मुंबई, कोरोना वायरस नाम का खौफ इस समय पूरी दुनिया में पसरा हुआ है. देश में लगातार बढ़ते हुए मामलों को देखते हुए ही पीएम मोदी ने देशभर में पूरे 21 द‍िन का लॉकडाउन कर दिया है. देश में हो रही इस गंभीर स्थिति को लेकर बॉलीवुड से हॉलीवुड का रुख कर चुकी प्रियंका चोपड़ा भी इस वायरस के चलते पिछले लगभग 3 हफ्ते से अपने घर में ही क्‍वारंटाइन हैं. घर में रहते हुए प्रियंका चोपड़ा ने अपने पति निक जोनास के साथ मिकर डब्ल्यूएचओ चीफ के साथ इंस्टाग्राम लाइव किया और इस वायरस से जुड़े कई अहम सवाल पूछे.

प्रियंका ने अपने इस लाइव वीडियो को शेयर करते हुए कैप्‍शन में बताया कि COVID-19 को लेकर कई तरह की खबरें और बातें सामने आ रही हैं. ऐसे में वह चाहती हैं कि अफवाहों को रोका जाए और क्‍या सही है, क्‍या गलत इसकी सही जानकारी लोगों तक पहुंचे. इस लाइव चैट सेशल की शुरुआत में प्रियंका ने कहा, ‘मैंने कई लोगों से कहा कि वह मुझसे इससे जुड़े सवाल पूछें. सबसे पहला सवाल मेरे पति का है.’ इसके बाद प्रियंका के इस लाइव चैट में उनके पति निक जोनास भी आ जाते हैं.

निक ने विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन के चीफ से पूछा कि वह टाइप 1 डायबिटीज के पेशंट हैं और प्रियंका को अस्‍थमा है. तो क्‍या इस वायरस की चपेट में ऐसे लोग ज्‍यादा आते हैं जो पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे हैं. और हम जैसे लोगों को इसमें क्‍या ज्‍यादा ध्‍यान रखने की जरूरत है. इस पर उन्‍हें जवाब मिला कि हम जितना इस वायरस को समझ पाए हैं, ये सही है कि ये कुछ लोगों को ज्‍यादा प्रभावित करता है. डॉक्‍टर ने कहा कि निक और प्रियंका इस समय घर में रहकर सबसे सही काम कर रहे हैं. डब्‍ल्‍यूएचओ की डॉक्‍टर ने कहा, ‘ऐसे लोग जो डायबिटिक हैं, जिन्‍हें हार्ट से जुड़ी कोई बीमारी है, सांस से संबंधित कोई बीमारी है, कैंसर या 60 की उम्र से ऊपर के लोगों को ऐसे समय में विशेष ध्‍यान रखना चाहिए.’

इसके अलावा प्रियंका ने पूछा कि क्‍या ये वायरस हवा से भी हो सकता है. इस पर उन्‍हें जवाब मिला. ‘ये वायरस हवा से नहीं होता. ये खांसी या छींकने पर उड़ने वाले छींटों के माध्‍यम से प्रसारित होता है. इसलिए यह जरूरी है कि खांसते या छींकते वक्‍त कोहनी मोड़ कर चेहरे को ढका जाए.’ वहीं प्रियंका ने एक दूसरे सवाल में पूछा कि क्‍या जो मरीज COVID-19 से ठीक हो जाते हैं, उन्‍हें दोबारा ये वायरस पकड़ सकता है. इस पर डॉक्‍टर ने बताया कि अभी तक उनके पास इस वायरस की पूरी जानकारी नहीं है. दुनियाभर में 4 लाख लोग इस वायरस से ग्रसित थे और 1 लाख लोग इससे ठीक भी हो चुके हैं.