कांग्रेस कार्य समिति की बैठक आज, युवाओं को मिल सकता है मौका, पुरानों की हो सकती है छुटटी

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भोपाल, वर्तमान राजनीतिक मुद्दों और पार्टी के आंतरिक मामलों को लेकर आज सोमवार सुबह 11 बजे कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक होने जा रही है। बैठक में कई अहम मसलों पर फैसला होने की संभावना जताई जा रही है। जिनमें कांग्रेस पार्टी का फुल टाइम अध्यक्ष पद के लिए दावेदारों के नामों पर मंथन भी शामिल है। साथ ही कई पुराने चेहरों की बड़े पदों से छुट्टी शामिल है। इनमें आरपीएन सिंह, राजीव सातव, पी एल पुनिया, शक्ति सिंह गोहिल, आशा कुमारी, गुलाम नबी आजाद के नाम शामिल बताए जा रहे हैं। इस दौरान इनकी जगह यूथ लॉबी सचिन पायलट, जीतिन प्रसाद, मानिक टैगोर, सुष्मिता देव, पवन खेड़ा, सुप्रिया श्रीनेत को जगह मिल सकती है।

गौरतलब है कि पिछले दिनों पार्टी के 23 बड़े नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर पार्टी में ऊपर से नीचे तक बदलाव का आग्रह किया है। पत्र लिखने वालों में पांच पूर्व मुख्यमंत्री, कई कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य, सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री शामिल हैं। इससे पहले भी कई बड़े नेता सार्वजनिक रूप से पार्टी में नेतृत्व के स्तर पर बदलाव की बात करते रहे हैं। पत्र में व्यापक सुधार, सत्ता के विकेंद्रीकरण, राज्य इकाइयों के सशक्तीकरण, हर स्तर पर कांग्रेस संगठन के चुनाव, ब्लॉक से सीडब्ल्यूसी और एक केंद्रीय संसदीय बोर्ड के तत्काल संविधान की मांग की गई है।

इस संकट की पहली झलक सोमवार को होने वाली कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में दिखने की उम्मीद है। कांग्रेस में नेतृत्व के मुद्दे पर चल रही चर्चा के बीच पार्टी की सर्वोच्च नीति निर्धारण इकाई कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक आगामी सोमवार को वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से होगी। बैठक में पार्टी नेताओं के खींचतान के बीच इस मुद्दे को दबाना मुश्किल होगा। सूत्रों का कहना है कि पार्टी नेताओं के इस कदम के जवाब के रूप में संगठन के स्तर पर बड़े फेरबदल का फैसला लिया जा सकता है।

पत्र में भाजपा के आगे बढ़ने को स्वीकार किया गया है। साथ ही कहा गया कि युवाओं ने निर्णायक रूप से नरेंद्र मोदी को वोट दिया। पत्र में पार्टी का आधार और युवाओं के विश्वास खोने को गंभीर चिंता का विषय बताया गया। पार्टी में सुधार के एजेंडे वाले इस पत्र को करीब 15 दिन पहले भेजा गया था। इसमें पार्टी के मौजूदा नेतृत्व को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। पत्र में एक ह्लपूर्णकालिक और प्रभावी नेतृत्वह्व के की बात कही गई है।

पार्टी नेताओं का कहना है कि लोकसभा चुनाव में हार के एक साल बाद भी, पार्टी ने ह्लनिरंतर गिरावटह्व के कारणों का पता लगाने के लिए कोई ह्लईमानदार आत्मनिरीक्षणह्व नहीं किया है।

पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों में राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद, पार्टी के सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा, कपिल सिब्बल, मनीष तिवारी, शशि थरूर; सांसद विवेक तन्खा भी शामिल हैं। एआईसीसी के पदाधिकारी और सीडब्ल्यूसी सदस्य  मुकुल वासनिक के साथ ही जितिन प्रसाद और पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा, राजेंदर कौर भट्टल, एम वीरप्पा मोइली, पृथ्वीराज भवन, पी जे कुरियन, अजय सिंह, रेणुका चौधरी, और मिलिंद देवड़ा भी हस्ताक्षर करने वालों में शामिल हैं।

पूर्व पीसीसी प्रमुख राज बब्बर (यूपी), अरविंदर सिंह लवली (दिल्ली) और कौल सिंह ठाकुर (हिमाचल); वर्तमान बिहार अभियान प्रमुख अखिलेश प्रसाद सिंह, हरियाणा के पूर्व स्पीकर कुलदीप शर्मा; दिल्ली के पूर्व स्पीकर योगानंद शास्त्री और पूर्व सांसद संदीप दीक्षित ने भी पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं।

पत्र में कांग्रेस कार्यसमिति के चुनाव के साथ ही पार्टी के पुनरुद्धार के लिए ह्लसामूहिक रूप सेह्व ह्लसंस्थागत नेतृत्व तंत्रह्व की तत्काल स्थापना पर जोर दिया गया है। मालूम हो कि पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल के मुताबिक, सीडब्ल्यूसी की बैठक सोमवार को सुबह 11 बजे आरंभ होगी।