किसान विरोधी काले कानूनों के खिलाफ हस्ताक्षर अभियान चलाएगी कांग्रेस

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फर्जी झूठे वादे करके नहीं बनता कोई महान

हाहाकार कर रहा है देश में रोता हुआ किसान

काले कानूनों के खिलाफ आवाज उठाओ

देश बचाओ किसान बचाओ

एआईसीसी प्रभारी पीएल पुनिया प्रभारी सचिव डॉ चंदन यादव मुख्यमंत्री भूपेश बघेल मंत्रिमंडल के सदस्य गण प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष मोहन मरकाम भी विशेष रूप से उपस्थित रहे

रायपुर। किसान विरोधी काले कानूनों के खिलाफ आंदोलन की रणनीति बनाने के लिए छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस की कार्यकारिणी की वेब बैठक आज सम्पन्न हुई जिसमें एआईसीसी प्रभारी पीएल पुनिया प्रभारी सचिव डॉ चंदन यादव मुख्यमंत्री भूपेश बघेल मंत्रिमंडल के सदस्य गण प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष मोहन मरकाम भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक का उद्घाटन भाषण प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने दिया और बताया कि एआईसीसी के निर्देशों के अनुरूप आंदोलन की तैयारियों पर विचार करने के लिए यह बैठक बुलाई गई ।

एआईसीसी के छत्तीसगढ़ प्रभारी पीएल पुनिया ने अपने विस्तृत संबोधन में कहा कि एआईसीसी के निर्देशानुसार सभी राज्यों में प्रदेश कांग्रेस की कार्यकारिणी की बैठक होनी है और छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में है जहां आज यह बैठक हो रही है। यह बैठक बहुत महत्वपूर्ण है और आज देश एक ऐसे दौर से गुजर रहा है जब देश का लोकतंत्र और देश के किसान खतरे में है और यह बैक 21 सितंबर को एआईसीसी की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुरूप बुलाई गई है पीएल पुनिया ने चरणबद्ध आंदोलन की सबको जानकारी दी और इस आंदोलन के क्रम में 24 सितंबर को पत्रकार वार्ता होगी जिसमें आईसीसी के प्रभारी पी एल पुनिया और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम उपस्थित रहेंगे 26 को सभी कांग्रेस जन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म में स्पीकर फॉर फार्मर की गतिविधि करेंगे और 28 तक लॉक डाउन होने के कारण 29 को राजभवन से राजभवन तक राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन जाकर राज्यपाल जी को देंगे जिसमें सभी सांसद सांसद प्रत्याशी विधायक और विधायक प्रत्याशी अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेगें। 10 अक्टूबर को राजधानी रायपुर में किसान सम्मेलन आयोजित किया जाएगा और 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर के बीच प्रदेश में घर-घर जाकर कांग्रेस जन इन 3 किसान विरोधी काले कानूनों के खिलाफ हस्ताक्षर अभियान चलाएंगे।

एआईसीसी के सचिव डॉ चंदन यादव ने अपने संबोधन में कहा है कि छत्तीसगढ़ ने किसान समर्थक सरकार का एक मॉडल पूरे देश के सामने रखा है।जब किसानों पर हमला होगा तो छत्तीसगढ़ के किसान कांग्रेस जन चुप नहीं रहेंगें।
बैठक को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने संबोधित करते हुए कहा कि मोदी सरकार द्वारा किसानों को लेकर लाए गए काले कानून केंद्र राज्य संबंधों और हमारे संविधान की संघ व्यवस्था पर हमला है। जिस तरीके से 3 किसान विरोधी बिल लाए गए हैं वह सीधे सीधे किसानों पर हमला है। एक तरफ हम लोग करो ना संक्रमण से लड़ रहे हैं वहीं दूसरी ओर अब किसान विरोधी काले कानून लाने वाली केंद्र सरकार के खिलाफ भी लड़ने की घड़ी आ गई है।इस आंदोलन को किसानों तक सीमित ना रखते हुए आम आदमियों तक ले जाने की जरूरत है । जिस तरीक़े से आवश्यक वस्तु अधिनियम को खत्म करके जमाखोरी को बढ़ावा देने की छूट दी जा रही है उससे महंगाई भी बढ़ेगी और आम आदमी भी प्रभावित होगा। जमाखोरी करने वालों के खिलाफ कार्यवाही के राज्य सरकार के अधिकारों पर भी अब हमला हो गया है। उपभोक्ताओं को भी अब जागरूक करने की आवश्यकता है। आवश्यक वस्तु अधिनियम में परिवर्तन की बात को लेकर भी अब हमें आम जनता के बीच जाने की जरूरत है।

बैठक को मंत्रीगण रविंद्र चौबे ताम्रध्वज साहू, टी एस सिंहदेव, डॉ. शिवकुमार डहरिया, कवासी लखमा, रुद्र गुरु, अमरजीत भगत, उमेश पटेल, मंत्री जयसिंह अग्रवाल के साथ-साथ युवक कांग्रेस अध्यक्ष कोको पाढ़ी, एनएसयूआई अध्यक्ष आकाश शर्मा, महिला कांग्रेस अध्यक्ष फूलों देवी नेताम, सेवादल अध्यक्ष अरुण ताम्रकार, प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष गिरीश देवांगन, कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल, संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी, महामंत्री संगठन चंद्रशेखर शुक्ला, विधायक रश्मि ठाकुर, विधायक लक्ष्मी ध्रुव, विधायक भुनेश्वर बघेल, विधायक विनोद चंद्राकर, विधायक कुंवरसिंह निषाद, विधायक रेखचन्द जैन, विधायक शैलेश पांडे, विधायक विक्रम मंडावी, विधायक द्वारिकाधीश यादव, रायपुर शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष गिरीश दुबे, रायपुर ग्रामीण जिला कांग्रेस अध्यक्ष उधोराम वर्मा, बिलासपुर ग्रामीण जिला अध्यक्ष विजय केसरवानी, सरगुजा जिला कांग्रेस अध्यक्ष राकेश गुप्ता, दुर्ग ग्रामीण जिला कांग्रेस अध्यक्ष निर्मल कोसरे, रायगढ़ ग्रामीण जिला कांग्रेस अध्यक्ष अरुण मालाकार, जगदलपुर ग्रामीण जिला कांग्रेस अध्यक्ष बलराम मौर्य, नारायणपुर जिला कांग्रेस अध्यक्ष रजनू नेताम सहित अनेक वक्ताओं ने संबोधित किया।
बैठक में प्रदेश कांग्रेस की कार्यकारिणी के सभी पदाधिकारी जिलों के प्रभारी और सभी जिला कांग्रेस अध्यक्ष गण उपस्थित थे।

 

बैठक में सभी वक्ताओं ने एक स्वर से इन तीन काले कानूनों के विरोध में छत्तीसगढ़ में ऐतिहासिक आंदोलन करने का संकल्प लिया।