कुछ सीटों पर टिकट के लिए भाजपा में टकराव की स्थिति

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सिंधिया को मनाने संघ ने संभाला मोर्चा

बागियों के खिलाफ भाजपा में बगावत हुई तेज

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भोपाल। मप्र की 28 सीटों पर होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए कांग्रेस 24 उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं। जबकि भाजपा ने अभी तक एक भी उम्मीदवार घोषित नहीं किया है। माना जा रहा है कि 25 सीटों पर संभावित उम्मीदवार वहीं नेता हैं वो कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए हैं। लेकिन सूत्रों का कहना है कि भाजपा सिंधिया समर्थक उन 4-5 पूर्व विधायकों का टिकट काटना चाहती है, जिन पर हार का खतरा मंडरा रहा है। उधर सिंधिया अड़े हुए हैं कि किसी का टिकट नहीं कटा जाए। ऐसे में सिंधिया को मनाने के लिए संघ ने मोर्चा संभाला है।

प्रदेश में उपचुनाव की घोषणा होते ही भाजपा में टिकट के दावेदार नेताओं ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। कांग्रेस से बगावत करके भाजपा में शामिल हुए सिंधिया समर्थकों के खिलाफ बगावत होने लगी है। कई विधानसभा क्षेत्रों में टिकट के दावेदार भाजपा के नेताओं ने संगठन को अपना संदेश भेज दिया है कि उन्हें टिकट दिया जाए। इससे भाजपा की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

भाजपा में टकराव की स्थिति
भाजपा सूत्रों का कहना है कि संघ के सर्वे में जिन 4-5 सीटों पर सिंधिया समर्थकों पर हार का खतरा बताया गया है, उन सीटों पर टकराव की स्थिति निर्मित हो गई है। इसकी वजह यह है कि सिंधिया अपने समर्थकों को हर हाल में टिकट दिलाने पर अड़े हुए हैं, वहीं उन सीटों पर भाजपा के नेता टिकट के लिए दावा ठोक रहे हैं। ऐसे में सिंधिया को मनाने के लिए संघ सक्रिय हो गया है। जो तीन सीटें विधायकों के निधन के कारण खाली हुई हैं, उन पर असमंजस है। आगर सीट पर भाजपा विधायक मनोहर ऊंटवाल थे। जौरा और ब्यावरा सीट पर कांग्रेस विधायक थे, जिनके निधन के बाद अब उपचुनाव हो रहे हैं। इन तीनों सीटों पर भाजपा के लिए वापसी का मौका है, जबकि कांग्रेस के सामने इन सीटों को बचाए रखने की बड़ी चुनौती है। ऐसे में भाजपा को इन तीन सीटों पर उम्मीदवारों के चयन को लेकर मुश्किल हो रही है।

कांग्रेस ने 28 सीटों के लिए 28 वचन
मप्र में होने वाले उपचुनाव को लेकर कांग्रेस ने रणनीति बनानी शुरू कर दी है। इसके लिए 28 सीटों के लिए 28 वचनपत्र तैयार किए हैं। कांग्रेस ने इन वचन पत्रों में लोक लुभावन बनाने की कोशिश की है। इससे पहले 2018 में भी कांग्रेस वचन पत्र लेकर आई थी, जिसमें सबसे प्रमुख मुद्दा किसानों की कर्ज माफी और बिजली का बिल माफ करने जैसे मुद्दे थे, जिन्हें पूरा करने में कमलनाथ सरकार काफी हद सफल रही थी, लेकिन विपक्षी भाजपा किसानों के मुद्दे को लेकर कांग्रेस को घेरती रही है और कहा गया कि कांग्रेस ने वादा किया है कि उनकी सरकार बनी तो छत्तीसगढ़ की गौधन योजना को मप्र में लागू किया जाएगा। इसके साथ सत्ता में आने के बाद कांग्रेस कोरोना को राजकीय आपदा घोषित करेगी। कोरोना से मरीज की मौत होने पर कांग्रेस अनुग्रह राशि देगी। अगर संक्रमित मुखिया की मौत हुई तो परिवार के एक सदस्य को संविदा नौकरी देगी सरकार। इसके साथ ही फुटकर व्यापारियों को 50 हजार का ब्याज मुक्त कर्ज दिया जाएगा। इसमें खास बात ये है कि हर विधानसभा क्षेत्र के लिए अलग वचनपत्र तैयार कराया गया है। इन्हें जल्द ही लांच किया जाएगा।