सक्षम व्यक्ति उपचार के लिए सरकार की ओर हाथ न फैलाए: मोहम्मद सुलेमान

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किसी ने बिना मास्क लगाए घूमनेे सरकार से नहीं पूछा था

डॉक्टरों से सुझाव लेकर आगे के प्लान पर काम करेंगे।

फेस्टिवल सीजन में मरीज और बढऩे की आंशका, लोग मास्क लगाएं

इंदौर। अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य मोहम्मद सुलेमान ने गुरुवार को होम आइसोलेशन में ऑक्सीमीटर की कमी पर तीखा बयान दिया। उन्होंने कहा कि सक्षम व्यक्ति ही होम आइसोलेशन में रहता है, जब वह बाहर बिना मास्क के घूमकर, लोगों के गले लगकर आए थे, जब सरकार से पूछकर नहीं गए थे। ऐसे में उन्हें उपचार के लिए सरकार की ओर हाथ नहीं फैलाना चाहिए। यदि वे महंगे टेस्ट करे सकते हैं तो फिर 800 रुपए का ऑक्सीमीटर भी ले सकते हैं। वे यदि सक्षम हैं तो उन्हें खरीदना ही चाहिए। सरकार गरीबों का पूरा खर्च उठा रही है। एक मरीज के इलाज में 63 हजार रुपए का खर्च आ रहा है।

मोहम्मद सुलेमान कहा कि लोग बीमारी से प्रभावित हो रहे हैं। वे लोग ज्यादा संक्रमित हो रहे हैं जो लोग अपनी देखभाल नहीं कर रहे हैं। इस बीमारी से बचने का सबसे अच्छा तरीका मास्क लगाना और सैनिटाइजर का उपयोग करना ही है। सरकार लोगों को बीमारी से नहीं बचा सकती, लेकिन वे खुद चाहें तो बच सकते हैं। हम इसे लेकर प्रचार-प्रसार भी कर रहे हैं। सितंबर में संक्रमितों की संख्या काफी तेजी से बढ़ी है। मप्र में 2600 केस प्रतिदिन आ रहे थे, जिसमें अब थोड़ा सुधार हुआ है। अब यह संख्या 2000 के करीब आ गया है।

त्योहारी सीजन में मरीज बढने की आंशका
सुलेमान ने आंशका जताई कि त्योहारी सीजन जैसे ही आएगा, गांव और देहात का मूवमेंट शहरों की ओर बढ़ेगा, ऐसे में संक्रमितों की संख्या में इजाफा होगा। यह बीमारी खत्म नहीं हुई है। ऐसे में जो लोग किसी वैक्सीन के आने का इंतजार कर रहे हैं, वह ध्यान रखें कि मास्क ही सबसे बड़ी वैक्सीन है। उन्होंने कहा कि जो डॉक्टर कोविड के इलाज में लगे हैं, मैंने उसने बात की है। इसमें प्राइवेट और सरकार दोनों ही अस्पतालों के डॉक्टर मौजूद थे। उन्होंने बताया कि यदि संक्रमितों की संख्या बढ़ती भी है तो हमें होम आइसोलेशन की ओर जाना होगा। बहुत से लोगों का बेड की जरूरत नहीं है। टेली मेडिसिन को बढ़ावा देने की बात भी कही गई। एक सीनियर डॉक्टर ने कहा कि जिले के डॉक्टर और हेल्थ वर्कर के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम करवाना चाहिए, जिससे यहां होने वाले इलाज को वे अपने जिले में कर सकें। हमने अब नवंबर के बारे में प्लान करना शुरू कर दिया है।

ठंड में अन्य वायरस के संक्रमण बढऩे की भी संभावना
मोहम्मद सुलेमान ने कहा कि कि बड़ी कॉलोनियों से अधिक मरीज सामने आ रहे हैं। इंदौर में करीब 11 हजार मरीजों ने होम आइसोलेशन का लाभ लिया। अगले एक महीने में त्योहार, फसल कटाई और यातायात बढऩे से गांवों में मरीजों की संख्या में इजाफा होगा। ठंड में अन्य वायरस के संक्रमण बढऩे की भी संभावना है। डॉक्टरों का सुझाव है कि गावों में होम आइसोलेशन सफल नहीं होगा, इसलिए जन सहयोग से कोविड केयर सेंटर बनाए जाएं। बचाव जरूरी है, इसके लिए लोगों को जागरूक किया जाए। गांवों में अधिक फीवर क्लीनिक और स्वास्थ्य केंद्र खोलकर स्टाफ बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि लोग वैक्सीन का इंतजार नहीं करें। 45 फीसदी जनता को वैक्सीन लगने में 50 हजार करोड़ खर्च होगा, इसलिए मास्क ही सबसे अच्छा वैक्सीन है। मरीज डॉक्टर की सलाह से ही उपचार करें, जल्दी इलाज शुरू करें। क्योंकि जल्दी इलाज शुरू करने वाले मरीजों में 2 फीसदी को छोड़ दो तो लोग ठीक हो रहे हैं।

फीवर क्लिनिक पर कोई भी फ्री टेस्ट कराएं लोग
सुलेमान ने कहा कि अब फीवर क्लिनिक पर जाकर कोई भी कोरोना टेस्ट करा सकता है, यह नहीं पूछा जाएगा कि वह क्यों कराना चाहता है। इसके लिए स्पष्ट निर्देश दे दिए हैं जो भी आए उनका टेस्ट करा जाए, इसलिए लोग बेवजह निजी लैब में टेस्ट पर खर्च नहीं करें।