दक्षिण चीन सागर में भारतीय जंगी पोत की तैनाती से चीन बेचैन

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नई दिल्ली, भारतीय नौसेना ने दक्षिण चीन सागर में जंगी जहाज तैनात किया है. गलवान घाटी में चीन के साथ हुई हिंसक झड़प को देखते हुए यह कदम उठाया गया है. हिंसक झड़प में देश के 20 जवान शहीद हो गए थे. इस घटना के बाद नौसेना ने दक्षिण चीन सागर में अपना एक फ्रंटलाइन वॉरशिप (जंगी जहाज) तैनात किया है.

सरकार के सूत्रों ने आजतक/इंडिया टुडे से कहा, दक्षिण चीन सागर के क्षेत्र में जंगी जहाज तैनात किया गया है. यह वही क्षेत्र है जहां चीन भारत के जगी जहाज का विरोध करता रहा है. वह समय-समय पर इसके खिलाफ शिकायत भी करता रहा है. भारतीय नौसेना के इस जहाज की तैनाती से चीन में बेचैनी है. चीन ने भारत के सामने यह मुद्दा उठाया है और इस पर विरोध भी जताया है. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये एक राजनयिक वार्ता में चीन ने भारत के सामने यह मुद्दा उठाया.

चीन की सरकार के लिए दक्षिण चीन सागर काफी महत्व रखता है. चीन किसी दूसरे देश की यहां मौजूदगी पसंद नहीं करता. चीन की नौसेना पीपल्स लिबरेशन आर्मी नेवी के विरोध के बावजूद भारत के जंगी पोत ने अपने अमेरिकी समकक्ष से लगातार संपर्क बनाया है. अमेरिकी पोत भी इस क्षेत्र में पहले से मौजूद हैं. सूत्रों ने बताया कि पूर्वी लद्दाख में जारी तनाव को देखते हुए दक्षिण चीन सागर में जंगी पोत तैनात करने का फैसला हुआ. भारतीय नौसेना ने हिंद महासागर में अपने जंगी पोत तैनात किए हैं, खासकर मलाका स्ट्रेट्स में. इसी क्षेत्र से चीनी पोत महासागर में घुसते हैं और दूसरे देशों की यात्रा करते हैं.

बता दें, गलवान घाटी में भारत और चीन की सेना कई महीने से आमने-सामने है. फिंगर इलाके को लेकर दोनों देशों में तनाव जारी है. भारत का कहना है कि इस इलाके में चीन की मौजूदगी अवैध है जबकि चीन पीछे हटने को राजी नहीं है. पिछले कई महीनों में दोनों देशों के बीच कई दौर की वार्ता हो चुकी है लेकिन हालात जस के तस बने हुए हैं. चीनी सेना की मौजूदगी को देखते हुए भारत ने भी अपनी सेना लगाई है. लद्दाख के पूरे सरहदी इलाके में भारत ने चौकसी बढ़ा दी है. रक्षा मंत्री और सेना प्रमुख का स्पष्ट आदेश है कि भारतीय सेना हर स्थिति से निपटने और उसे माकूल जवाब देने के लिए तैयार है.