मोदी के लद्दाख दौरे से चीन को लगी मिर्ची

0
224

बातचीत से मुद्दा सुलझाने पर जोर

लेह, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का छोटा लेकिन असरदार लद्दाख दौरा आज दोपहर में खत्म हो गया। लेह में घायल जवानों को मिलकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली वापस आ रहे हैं। पीएम मोदी ने आज सुबह 9 बजे अचानक लद्दाख पहुंचकर सबको सरप्राइज कर दिया था। वहां वह फॉरवर्ड पोस्ट नीमू गए, जवानों से मिले, लद्दाख की ताजा स्थिति समझी, फिर चीन से झड़प में घायल जवानों से मिलकर वापस दिल्ली के लिए निकल पड़े। मोदी के इस लद्दाख दौरे का ठीक वैसा ही असर हुआ जैसा सोचा गया था। चीन को मिर्ची लग गई है और वह बातचीत से मुद्दा सुलझाने पर जोर देने लगा है।

दिल्ली आने से पहले घायल जवानों से मिले
लद्दाख पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीन के साथ झड़प में घायल हुए जवानों से मिले। इस समय हॉस्पिटल में 18 जवान भर्ती हैं, जिनका इलाज चल रहा है। पिछले महीने लद्दाख के गलवान घाटी में चीन और भारतीय सैनिकों में जबरदस्त झड़प हुई थी। चीनी सैनिकों ने धोखे से भारतीय जवानों पर हमला कर दिया था। इस घटना में भारत के 20 जवान शहीद हो गए थे जबकि चीन के भी 40 जवान मारे गए थे। कई जवान घायल हो गए थे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल बिपिन रावत के साथ शुक्रवार को लेह पहुंचे। पीएम मोदी सुबह करीब साढ़े नौ बजे लेह पहुंचे। प्रधानमंत्री नीमू भी गए। यहां उन्होंने थलसेना, वायुसेना एवं आईटीबीपी के कर्मियों से बात की। मोदी ने इस दौरान बिपिन रावत से लद्दाख का पूरा नक्शा भी समझा। पीएम मोदी के आने से जवानों में भी जोश भर गया था। उन्होंने पीएम के सामने भारत माता की जय और वंदे मातरम के नारे भी लगाए।

गलवान घाटी में हुई थी हिंसक झड़प
16 जून को संघर्ष के बाद पूर्वी लद्दाख के गलवान में भारतीय सेना के कई जवान घायल हो गए थे। 18 जवान आर्मी हॉस्पिटल में भर्ती हैं। यहां उनका इलाज चल रहा है। हॉल ऑफ फेम वॉर मेमोरियल का दौरा करने के बाद पीएम मोदी यहां जवानों से मिलने पहुंचे।

भारत और चीन में चरम पर तनाव
पिछले लगभग 2 महीने से लद्दाख के कई इलाकों में चीन और भारत के सैनिक आमने-सामने हैं। चीन बातचीत के बाद भी लगातार अपने वादों से मुकर रहा है। गलवान घाटी में भी चीन बातचीत के बाद पीछे हटने को तैयार हो गया था लेकिन उसने भारतीय सैनिकों को धोखा दिया। यही नहीं, चीन इन इलाकों में बताचीत के दौरान भी लगातार सैनिकों और हथियारों की संख्या बढ़ाता रहा है।