लालू यादव को मिली तीन जमानत के खिलाफ सुप्रीमकोर्ट जाएगी केंद्र सरकार

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रांची, चारा घोटाला के तीन मामलों में बेल पा चुके लालू यादव की जमानत को सीबीआई सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी कर रही है. चारा घोटाले के दोषी लालू यादव 5 में से 4 मामलों में दोषी करार दिए जा चुके हैं. लेकिन इन 4 मामलों में से 3 में उन्हें जमानत मिल चुकी है. केंद्रीय जांच ब्यूरो इस जमानत को चुनौती देने जा रही है. इस वक्त लालू यादव पर चारा घोटाले के पांचवें मामले में सुनवाई चल रही है. ये मामला डोरंडा कोषागार से अवैध रूप से 139 करोड़ रुपये की निकासी का है. अगर लालू यादव को दुमका कोषागार से 3.13 करोड़ रुपये के अवैध निकासी के मामले में बेल मिल जाती है तो उनके जेल से बाहर निकलने का रास्ता साफ हो जाएगा. हालांकि इस मामले की सुनवाई 6 नवंबर के बाद ही संभव है क्योंकि त्योहारों की छुट्टियों के बाद झारखंड हाईकोर्ट खुलेगा.

दुमका कोषागार से निकासी के मामले में लालू को 7 साल की सजा
बता दें कि दुमका कोषागार से अवैध निकासी के मामले में आरजेडी अध्यक्ष लालू यादव को 2 धाराओं में 7 साल की सजा हुई है. लालू यादव देवघर कोषागार से 79 लाख रुपये अवैध निकासी के मामले में बेल पर हैं. इस मामले में उन्हें 3.5 साल की सजा हुई थी. चाईबासा ट्रेजरी से 33.13 करोड़ रुपये की निकासी में भी लालू यादव को 9 अक्टूबर 2020 को बेल मिल चुकी है.

सूत्रों ने बताया कि सीबीआई लालू यादव को मिली जमानत का सुप्रीम कोर्ट में विरोध करेगी. सीबीआई का तर्क है कि लालू यादव को कई धाराओं में सजा मिली है, लेकिन इन सभी मामलों में सजा नहीं काटी है. बता दें कि लालू यादव के वकील प्रभात कुमार ने पहले कहा था कि झारखंड हाई कोर्ट ने लालू यादव को इस आधार पर बेल दी है, क्योंकि उन्होंने अलग अलग मामलों में आधी सजा काट ली है. प्रभात कुमार का कहना था कि अदालत के फैसले के मुताबिक इस तरह के मामलों में सजा एक साथ चलती है, न कि अलग अलग. बता दें कि लालू यादव दिसंबर 2017 से चारा घोटाले में दोषी करार दिए जाने के बाद रांची जेल में बंद हैं.