CBI जांच की कोई जरूरत ही नहीं थी: संजय राउत

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मुंबई
सुप्रीम कोर्ट ने बॉलिवुड ऐक्टर सुशांत सिंह राजपूत की मौत की जांच सीबीआई को सौंप दी है। कोर्ट के इस फैसले के साथ इस पर राजनीति भी और तेज हो गई है। शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि मुंबई पुलिस जांच के लिए पूरी तरह सक्षम थी, इसमें सीबीआई जांच की जरूरत नहीं थी। मगर बिहार चुनाव की वजह से मामले में राजनीति हो रही है।

उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद टीवी चैनलों पर बेबाकी से बोलने वाले बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय पर भी जमकर निशाना साधा। राउत ने कहा, 'बिहार के डीजीपी किस बात से इतना खुश हैं जो नाच-नाच कर सब जगह बता रहे थे। वर्दी की एक गरिमा होती है, उनके हाथ में बस बीजेपी का एक झंडा होना बाकी रह गया था।' संजय राउत ने तंज कसते हुए कहा कि बिहार में क्या कम अपराध हो रहे हैं? हमने वहां के भी बहुत सारे केस देखे हैं जो सीबीआई को ट्रांसफर किए गए।

बिहार डीजीपी के इस बयान पर हुआ बवाल
दरअसल गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट के मुहर के बाद पूरे देश को पता चला कि बिहार पुलिस कुछ गलत नहीं कर रही थी। कुछ लोगों को बेचैनी ओर छटपटाहट थी कि कहीं उनकी पोल ना खुल जाए, इसलिए उन्होंने इसे प्रभावित करने की कोशिश की। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर कॉमेंट करने की औकात रिया चक्रवर्ती की नहीं है। पत्रकारों के सवाल पर उन्होंने कहा कि मैं रिपीट करता हूं कि रिया चक्रवर्ती की हैसियत नहीं है कि वह सीएम नीतीश कुमार पर कॉमेंट करे। बिहार के सीएम ने जो सपोर्ट किया उसी के चलते सुशांत केस की जांच सीबीआई तक पहुंची है।

नीतीश पर बोले राउत, राजनीति सबका संयम तोड़ देती है
संजय राउत ने कहा कि नीतीश कुमार संयमी नेता है लेकिन राजनीति सबका संयम तोड़ देती है। दरअसल सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि इस केस में बिहार ने वही किया जो कानूनी रूप है। सुप्रीम कोर्ट ने साबित कर दिया है सारी प्रक्रिया न्यायसंगत थी। इस केस में न्याय मिलेगा यह हम सबको पूरा विश्वास है। सीएम नीतीश ने अपने ऊपर उठ रहे सवालों पर कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद इन सब बातों पर कुछ कहने की जरूरत नहीं है।