रोशना में तुल पकड रहा रेत के अवैध उत्खनन का मामला

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पूर्व सांसद कंकर मुंजारे के नेतृत्व में रेत खनन के विरोध में ग्रामीणो ने निकाली रैली

rafi ahmad ansari
बालाघाट। जिला प्रशासन की नाकाम कोशिश के चलते अवैध रेत उत्खनन कारोबार पर कोई लगाम नही लग पा रही है। जिधर देखो उधर रेत के खिलाफ ग्रामीणो में आक्रोशि की ज्वालामुखी फूटती नजर आती है। विपक्ष के नेता भी जिले में हो रहे रेत के अवैध कारोबार के खिलाफ बढचढ सामने आ रहे है, प्रदर्शन कर रहे है, लेकिन जिला प्रशासन के ईमानदार नुमांइदे रेत ठेकेदारो के सामने पंगु बने फिरते है। रेत के कारोबार के खिलाफ अब जिले में गहमागहमी के माहौल देखने मिल रहे है जहां लोग आये दिन सडक पर उतर रेत ठेकेदारो और कारोबारियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग कर रहे है लेकिन उनकी मांगो पर कोई सुनवाई नही हो रही है। आज 24 सितंबर को ग्राम पंचायत रोशना में स्थानीय ग्रामीणो ने पूर्व सांसद कंकर मुंजारे के नेतृत्व में रेत ठेकेदारो के खिलाफ आक्रोश रैली निकाली। जहां इस रैली में बच्चे, महिलायें, बूढे और नौजवानो ने भागीदारी निभाई। वही रेत ठेकेदार के खिलाफ नारेबाजी करके आक्रोश भी जताया।
रेत के अवैध कारोबार को लेकर कोई सरकार पर तंज कस रहा है तो कोई जिला प्रशासन को ठेकेदारो का गुलाम बता रहा है। जिला प्रशासन की नाकामी के चलते ही इस प्रकार के मामले और द्वंद्व सुनने मिल रहे है। जिले में 69 रेत घाट स्वीकृत है जहां स्वीकृत रेत घाटो से रेत निकासी होना जायज है, लेकिन जो रेत घाट स्वीकृत नही है वंहा से भी भारी मात्रा में ठेकेदारो के द्वारा रेत चोरी की जा रही है जिसको लेकर संबधित ग्रामीणो का गुस्सा फूटता हुआ नजर आता है। अस्वीकृत रेत घाटो से रेत निकाला जाना संबधित ग्राम के ग्रामीणो को बर्दाश्त नही हो रही है। हालाकि वर्तमान में रेत खनन पर पूर्णत: प्रतिबंध है लेकिन जिले मे कोने कोने में नदीयों को छलनी किया जा रहा है। अभी फिलहाल ठंप से रायल्टी काटकर रेत के परिवहन की अनुमति है लेकिन माफिया नदी से खनन करके रेत का कारोबार कर रहे है। यह कुल मिलाकर जनता पर भाजपा की सरकार का आघात है, जिसके खिलाफ कहीं ना कहीं ग्रामीण लामबंद होते नजर आते है। कहीं पूर्व सांसद कंकर मुंजारे शिकायत के आधार पर रेत खनन पर पांबदी लगा रहे है तो कहीं आम जनता भी अंकुश लगाने की मांग कर रही है, किंतु इसका परिणाम विपरित ही आ रहे है।