दलित-मुस्लिम गठबंधन से दिमनी में बसपा प्रत्याशी की स्थिति मजबूत

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राजेन्द्र कंषाना को समाज का मिल रहा भरपूर समर्थन

awdhesh dandotia
मुरैना। दिमनी विधानसभा क्षेत्र से बसपा प्रत्याशी राजेन्द्र सिंह कंषाना की स्थिति अब मजबूत नजर आ रही है। क्योंकि पार्टी इन दिनों दलित-मुस्लिम गठबंधन पर जोर दे रही है। जिसका लाभ राजेन्द्र सिंह को मतदान के दौरान मिल सकता है। इसके अलावा गुर्जर समाज का भी भारी वोट दिमनी विधानसभा क्षेत्र में है और इस विधानसभा से गुर्जर समाज के व्यक्ति को पहली बार टिकिट मिला है इस कारण समाज में काफी उत्साह है और वह राजेन्द्र सिंह का खुलकर समर्थन कर रहे हैं। दिमनी विधानसभा क्षेत्र में भाजपा ने गिर्राज डंडौतिया व कांग्रेस ने रविन्द्र सिंह तोमर को चुनाव मैदान में उतारा है। अभी तक इन दोनों की सीधी टक्कर नजर आ रही थी। लेकिन बसपा ने यहां उस समय समीकरण बिगाड़ दिए जब उन्होंने गुर्जर नेता राजेन्द्र सिंह कंषाना को अपना प्रत्याशी घोषित किया। अपनी उम्मीदवारी घोषित होते ही कंषाना पूरी दमखम से बसपा की टीम के साथ चुनाव मैदान में कूद गए हैं। एक अनुमान के अनुसार दिमनी विधानसभा क्षेत्र में गुर्जर मतदाताओं की संख्या तकरीबन 22 हजार है। इसके अलावा 45 हजार से अधिक दलित मतदाता हैं और मुस्लिम मतदाताओं की संख्या दस हजार के करीब है। इसी समीकरण के आधार पर राजेन्द्र सिंह कंषाना की स्थिति काफी मजबूत बनी हुई है। यहां बता दें कि वर्ष 2013 बहुजन समाज पार्टी यहां से जीत हासिल कर चुकी है। इसके अलावा वर्ष 2008 में बसपा प्रत्याशी महज 256 वोटों से चुनाव हार गया था। इस तरह दिमनी विधानसभा परंपरागत रूप से बसपा की सीट मानी जाती है और राजेन्द्र सिंह कंषाना के लिए शुभ संकेत है। बसपा प्रत्याशी कंषाना के स्वभाव के कारण अन्य समाजों का भी समर्थन उन्हें मिल रहा है।