बाइक बोट कंपनी ने रकम को डबल करने का झांसा देकर किया 3500 करोड़ का घोटाला

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नोएडा, रकम को डबल करने का झांसा देकर लोगों से 3500 करोड़ रुपये की ठगी का खेल 2018 में शुरू हुआ था। बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी जमा पूंजी बाइक बोट कंपनी में लगा दी। गर्वित इनोवेटिव प्रमोटर्स लिमिटेड कंपनी की तरफ से बाइक बोट स्कीम लॉन्च की गई। 19 आरोपियों ने कंपनी रजिस्टर्ड कर बाइक बोट घोटाला किया। अभी तक इस मामले में दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद समेत अलग-अलग 57 से अधिक केस दर्ज हो चुके हैं। तीन आरोपियों को पुलिस ने बुधवार को जेल भेजा है।

आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) के मुताबिक, बाइक बोट घोटाले का मुख्य आरोपी संजय भाटी है। यह बीएसपी नेता भी रहा है। बीएसपी ने 2019 लोकसभा चुनाव में संजय भाटी को अपना प्रत्याशी बनाया था। हालांकि, बाइक बोट घोटाले की शिकायत सामने आने पर उसका टिकट काट दिया गया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, बाइक बोट स्कीम में लोगों का पैसा लगवाया गया और 9765 रुपये देने का वादा किया किया गया। शुरुआत के एक दो महीने तो पैसे दिए गए। उसके बाद कंपनी ने पैसे देने बंद कर दिए। लोगों का आरोप है कि पैसे मांगने पर उनको धमकी दी गई।

ऐप बेस्ड टैक्सियों की तर्ज पर बाइक टैक्सी शुरू की गई। बाइक टैक्सी के नाम पर लोगों से रकम लगवाई गई। मुख्य आरोपी संजय भाटी ने अपने पैसों से एक भी बाइक नहीं खरीदी। जल्द ही 50 से अधिक शहरों में बाइक टैक्सी चलने लगी। पुलिस के मुताबिक, कोर्ट में सरेंडर कर चुके संजय भाटी ने 2 लाख के करीब लोगों को ठगा है।

सीबीआई जांच की हो चुकी है सिफारिश
बाइक बोट मामले की जांच ईओडब्ल्यू कर रही है। उधर, सीबीआई जांच कराने की सिफारिश भी की जा चुकी है। 5 इंस्पेक्टर इस मामले की विवेचना कर रहे हैं। पुलिस अभी तक 200 से अधिक बाइक बरामद कर चुकी है।

38 बनाए गए हैं आरोपी
बाइक बोट घोटाले में पुलिस अपनी केस डायरी में 38 आरोपियों के नाम शामिल कर चुकी हैं। मुख्य आरोपी संजय भाटी, उसकी पत्नी दीप्ति बहल, एमडी करण पाल, निजी सहायिका रीता चौधरी, निदेशक ललित कुमार और बीएन तिवारी आदि शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, संजय भाटी की गाजियाबाद, बुलंदशहर, नोएडा, कानपुर, इंदौर आदि शहरों में 19 संपत्तियां अटैच कर चुकी है। इसके अलावा सात अन्य लोगों के नाम खरीदी गई प्रॉपर्टी भी अटैच की जा चुकी है। संजय भाटी के खातों में जमा 2.28 करोड़ रुपये भी सीज किए जा चुके हैं।

यह है बाइक बोट घोटाला
संजय भाटी ने 2010 में कंपनी की शुरुआत की और 2018 में बाइक बोट स्कीम लॉन्च की थी। स्कीम के तहत बाइक टैक्सी शुरू की गई। इसके तहत एक व्यक्ति से एक मुश्त 62200 रुपये का निवेश कराया गया। उसके एवज में 1 साल तक 9765 रुपये देने का वादा किया गया। निवेश करने वाले लोगों का आरोप है कि उन्हें पैसे नहीं दिए गए। बाद में संचालक फरार हुआ तो लोगों ने मुकदमे दर्ज कराने शुरू किए। दादरी कोतवाली एरिया के कोट गांव में बाइक बोट का मुख्य ऑफिस बनाया गया। बाइक बोट घोटाला सामने आने के बाद निवेशकों को साधने के लिए लाखों फर्जी चेक तक दिए गए।