भरी भोपाल में बड़ी झील, चिरायु परिसर में घुसा पानी, प्रदेश में हालात बदतर, खुले सभी बांधों के गेट

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JABALPUR, AUG 29 (UNI):- Vast areas of Jabalpur submerged following the release of water from Bargi dam, in Jabalpur on Friday.UNI PHOTO-A1U

छिंदवाड़ा में नदी के बीच फंसे युवक को हेलीकॉप्टर से किया रेस्क्यू

अगले 48 घंटे में 24 जिलों में अलर्ट

होशंगाबाद में काले महादेव मंदिर तक पहुंचा नर्मदा का पानी, सेना को बुलाया

भोपाल। मध्य प्रदेश के कई इलाकों में तेज बारिश से नर्मदा सहित कई नदियां उफान पर आ गई हैं। होशंगाबाद, विदिशा, सिवनी, बालाघाट, भोपाल औन अन्य इलाकों में बारिश के बाद कई इलाकों में पानी भर गया है। भोपाल में लगातार बारिश के कारण बैरागढ़ स्थित चिरायु हॉस्पिटल पानी-पानी हो गया है। अस्पताल परिसर से लेकर पार्किंग तक में पानी भर गया है। सरकार ने इसे कोविड हॉस्पिटल घोषित किया है। इसलिए मीडिया या अन्य किसी बाहरी व्यक्ति के जाने पर प्रतिबंध है। हॉस्पिटल के सूत्रों की मानें तो बारिश के पानी से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुई हैं। यहां मरीज से लेकर स्टाफ तक पानी भरने से परेशान है। जल्द ही पानी निकाले जाने की तैयारी की जा रही है।इंदौर में भी सुबह से बारिश हो रही है। जबलपुर में नर्मदा नदी में उफान से ग्वारीघाट डूब गया है। नदियों में उफान से कई जगह सड़क मार्ग बंद कर दिए गए हैं। खंडवा में ओंकारेश्वर बांध के 21 गेट खोलकर नर्मदा नदी में दस हजार क्यूमेक्स पानी लगातार छोड़ा जा रहा है।

होशंगाबाद पानी-पानी
होशंगाबाद में नर्मदा का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है। बिगड़ते हालात को देखते हुए प्रशासन ने सेना बुलाई है। संभागयुक्त रजनीश श्रीवास्तव ने इसकी पुस्टि की है। एनडीआरएफ की टीम भी बुलाई गई हैं। नर्मदा का रौद्र रूप देखकर याद आई 1973 की भीषण बाढ़, आज ही दिन पानी-पानी हुआ था पूरा शहर। शनिवार सुबह 9 बजे तक नर्मदा का जलस्तर 973 फीट तक पहुंच गया है। जो खतरे के निशान से 6 फीट ऊपर चल रहा है। होशंगाबाद के काले महादेव मंदिर तक नर्मदा नदी का पानी पहुंच गया है। यह मंदिर सेठानी घाट से ऊपर स्थित है, उधर पुलिस ने सेठानी घाट जाने पर रोक लगा दी है।

एक दर्जन गांवों का भोपाल को जोड़ने वाले मार्गों से संपर्क टूटा
इंदौर- इच्छापुर राजमार्ग पर मोरटक्का पुल से वाहनों की आवाजाही रोकी
सीएम ने रद्द किया रायसेन-विदिशा का दौरा
खंड़वा में नर्मदा नगर से भोपाल मार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित
भोपाल में भदभदा डैम के चार गेट खोले गए
भोपाल में बस्तियां खाली कराई गईं; सड़कों पर जाम
नर्मदा नदी का जल स्तर खतरे के निशान 964 फीट 4 फीट ऊपर 968.90 पर पहुंच गया है
तवा डैम के सभी 13 के 13 गेटों को 30-30 फीट खोलकर पानी को लगातार छोड़ा जा रहा है
लगातार हुई बारिश से प्रदेश में 251 में से 120 डैम में पानी क्षमता से 90% से ज्यादा

प्रदेश के बांधों की स्थिति
तवा डैम के सभी 13 गेट खोले गए हैं।
इंदिरा सागर के 22 गेट खोले गए हैं।
ओंकारेश्वर में 23 में से 21 गेट खोले गए।
राजघाट 18 में से 14 गेट खोले गए।
बरगी के 21 में से 17 गेट खोले गए।
मंडला, पेंच बांध के सभी गेट खोले गए हैं
भोपाल में भदभदा के 4 और कलियासोत के 5 गेट खोले गए।
भोपाल के न्यू मिनाल में सड़कों में घुटनों तक पानी भर गया।

फिलहाल बारिश से राहत नहीं
मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे में प्रदेश के अधिकांश जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। मौसम विभाग ने छिंदवाड़ा, विदिशा, सीहोर, राजगढ़, शाजापुर और आगर में रेड अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा भोपाल और इंदौर समेत 18 जिलों में तेज बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है।

आवश्यक होने पर सेना तथा वायुसेना की मदद ली जाएगी
भोपाल । मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रदेश में बनी अतिवर्षा और बाढ़ की स्थिति से कोई जनहानि न हो, यह सुनिश्चित करना हमारा कर्तव्य भी है और धर्म भी। उन्होंने विशेष रूप से भोपाल, होशंगाबाद तथा जबलपुर संभाग में आगामी 48 घंटों में बन रही अतिवृष्टि की संभावनाओं को देखते हुए, जिला प्रशासन को निरंतर सतर्क रहने के निर्देश दिए। आवश्यकता होने पर सेना और वायुसेना की मदद ली जाए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, नावों, गोताखोरों तथा उपकरणों की तत्काल उपलब्धता सुनिश्चित करें। निचली बस्तियों में पानी भरने की आशंकाओं को देखते हुए लोगों को समय रहते राहत शिविरों में शिफ्ट किया जाए। शिविरों में कोरोना से बचाव की सभी सावधानियाँ बरती जाएं। अतिवृष्टि तथा बाढ़ से प्रभावित व्यक्ति डायल-100 तथा फोन नं. 1079 पर मदद के लिए संपर्क कर सकते हैं। नर्मदा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर और विभिन्न बांधों के गेट खुलने तथा सहायक नदियों से आ रहे पानी के कारण होशंगाबाद, शाहगंज तथा बरेली में जिला प्रशासन को आगामी 10 दिन के लिए मुस्तैद रहने के निर्देश भी दिए गए हैं। बैठक में डूब में आने वाले संभावित निचले इलाकों की जिलावार जानकारी ली गई। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश में बनी अतिवर्षा और बाढ़ की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री निवास में आयोजित बैठक में संभागवार स्थिति पर चर्चा हुई।

बच्चों के ऊपर गिरी कच्ची दीवार, भाई-बहन सहित 4 बच्चों की मौत
कटनी। उमरियापान थाना अंतर्गत शनिवार दोपहर करीब 3 बजे बनहरा गांव में कच्ची दीवार बच्चों के ऊपर गिर गई। इसमें 4 बच्चों की मौत हो गई। इन बच्चों में सगे भाई बहन भी शामिल हैं। घर की दीवार बाहर की तरफ गिरी। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। आनन फानन में पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची। पीएम के लिए शवों को उमरियापान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया है।

रातभर फंसा रहा
छिंदवाड़ा। जिले में लगातार बारिश के कारण माचागोरा बांध के 7 गेट खोले गए। गेट खुलने के कारण पेंच नदी उफान पर आ गई जिसके कारण घोघरा के पास मछुआरा और उसका पालतू श्वान फंस गए। बाढ़ से बचने के लिए युवक श्वान के साथ पेड़ पर चढ़ गया। इस दौरान शुक्रवार को उसे रेस्क्यू करने की कोशिश की गई लेकिन सफलता नहीं मिल पाई। प्रशासन ने एनडीआरएफ की टीम नागपुर से बुलाई थी। देर शाम होने के कारण नागपुर से हेलीकॉप्टर छिंदवाड़ा नहीं आ पाया। शनिवार को एनडीआरएफ के हेलीकॉप्टर ने नदी में फंसे युवक और उसके पालतू श्वान को रेस्क्यू कर बाहर निकाला। बेलखेड़ा गांव का युवक मधु कहार अपने मित्रों के साथ शुक्रवार को मछली पकड़ने के लिए गोघरा पेंच नदी गया था। वह जलप्रपात के पास ही वह मछली पकड़ रहा था इस दौरान माचागोरा बांध के गेट लगातार खुलने से नदी का जलस्तर बढ़ गया और वह नदी में फंस गया