आफत की बारिश: नदी-नाले उफान पर, जनजीवन हुआ अस्त-व्यस्त

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निचली बस्तियों में भरा पानी, प्रशासन की व्यवस्था न होने के चलते लोग कर रहे हैं नदी-नाले पार

khemraj mourya
शिवपुरी। शिवपुरी जिले में लगातार दो दिनों से हो रही बारिश से जहां शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में नदी-नाले उफान पर है जिस कारण बाढ़ जैसे हालात निर्मित हो गए हैं तो वहीं शहर एवं गांव की निचली बस्तियों में पानी भरा गया है। खेतों में पानी भर जाने से किसानों की खड़ी फसलें बर्बाद हो गई हैं वहीं बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। लगातार हो रही बारिश से शहर की कई कॉलोनियों में पानी भर जाने से रास्ते तालाब में बदल गए हैं वहीं लोगों का आवागमन भी अवरूद्ध हो गया। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों के रपटों, नालों, पुल आदि के ऊपर से पानी बह रहा है। प्रशासन की व्यवस्था न होने के कारण लोग नदी-नाले को पार कर रहे हैं जो जोखिम भरा है। मूसलाधार बारिश का सिलसिला देर रात तक रुक रुककर जारी रही। पानी का बहाव इतना तेज है करीब डेढ़-डेढ़ फीट पानी सड़कों पर बह रहा है। जहां भारी बारिश के चलते सुबह से शाम बाजार में भी सन्नाटा पसरा रहा।

फसलें हुई बर्बाद, उम्मीदों पर फेरा पानी
शिवपुरी, पोहरी, नरवर, बदरवास, कोलारस, पिछोर, खनियांधाना, करैरा के कई गांवों में बारिश से नुकसान हुआ है यहां सैकड़ों बीघा में खड़ी फसल बर्बाद हो गई है। किसानों ने बताया कि लाखों रूपया खर्च कर कई बीघा में टमाटर की पौध लगाई थी। आस थी कि फसल आएगी तो कर्जा पट जाएगा लेकिन बारिश ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।

जिले में 24 घंटे में 25.5 मिमी वर्षा दर्ज
शिवपुरी जिले में लगातार हो रही बारिश के चलते 24 घंटे में 25.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई है जहां कल वर्षा का औसत 653.1 मिमी था वह बढ़कर 678.6 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुआ हैै। भू-अभिलेख शिवपुरी के अधीक्षक ने बताया कि जिले की औसत वर्षा 816.3 मि.मी. है। उन्होंने बताया कि अभी तक शिवपुरी में 681.6 मि.मी., बैराड़ में 548 मि.मी., पोहरी में 546 मि.मी., नरवर में 844 मि.मी., करैरा में 677.4 मि.मी., पिछोर में 507.1 मि.मी., कोलारस में 920 मि.मी., बदरवास में 741 मि.मी. एवं खनियांधाना में 642 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है।
मड़ीखेड़ा डेम का वाटर लेवल बढ़ा, दूसरी बार खोले गए 6 गेट

प्रदेशभर के साथ-साथ शिवपुरी जिले में भी दो दिनों से लगातार हो रही जोरदार बारिश के चलते मड़ीखेड़ा डेम का वाटर लेवल बढ़ गया है। मड़ीखेड़ा डेम के कैचमेंट एरिया में भी जमकर बारिश हुई जिसके चलते शनिवार की दोपहर डेम के छह गेट खोल दिए गए। डेम प्रबंधन ने आज शाम तक 5 हजार क्यूसेक पानी छोडऩे का निर्णय लिया है। यह निर्णय पानी के फ्लो के आधार पर बदला जा सकता है।