हर शनिवार बच्चों के लिए प्रश्नमंच का आयोजन होगा

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भोपाल
राज्य शिक्षा केंद्र, स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा “हमारा घर – हमारा विद्यालय” कार्यक्रम अंतर्गत विद्यार्थियों के सीखने की प्रगति का “व्हाट्सएप आधारित मूल्यांकन” विषय पर यूट्यूब लाइव द्वारा राज्य स्तरीय शैक्षिक संवाद का आयोजन किया गया। संवाद में आयुक्त, राज्य शिक्षा केन्द्र, लोकेश कुमार जाटव ने कहा कि कोविड-19 की परिस्थितियों के कारण सीखने-सिखाने की प्रक्रिया को नए परिप्रेक्ष्य में लागू करते हुए “हमारा घर – हमारा विद्यालय” कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत साप्ताहिक लर्निंग पैकेज के माध्यम से शैक्षिक गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं। इन शैक्षिक गतिविधियों द्वारा बच्चों के सीखने की प्रगति का निरंतर आकलन करना अत्यंत आवश्यक है। इस उद्देश्य से राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा एक नवाचार “व्हाट्सएप आधारित मूल्यांकन” प्रारंभ किया जा रहा है। यह प्रक्रिया “कॉन्वेजीनियस संस्था” के सहयोग से प्रारंभ की गई है जहां विद्यार्थी पढ़ी हुई अवधारणाओं से सम्बंधित क्विज/प्रश्नोत्तरी व्हाट्सएप पर ही प्राप्त कर हल कर सकेंगे।

दूरस्थ शिक्षा – अब और भी आसान

बच्चों के सीखने का वास्तविक स्तर सामने लाने के उद्देश्य से यह मूल्यांकन प्रारंभ किया जा रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए इस मूल्यांकन को बहुत ही साधारण और रुचिकर बनाया गया है। इसके प्रथम चरण में “व्हाट्सएप आधारित मूल्यांकन” भोपाल संभाग के सभी पांच जिलों में सफलतापूर्वक किया जा चुका है। द्वितीय चरण में इसका विस्तार नर्मदापुरम/होशंगाबाद में भी किया जा चुका है। इसमें छात्रों द्वारा उत्साहपूर्वक सहभागिता करने के दृष्टिगत अब तृतीय चरण में इसका विस्तार पूरे प्रदेश में किया जा रहा है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत कक्षा 1 से 8 के हिंदी एवं गणित विषयों के लिए दस-दस प्रश्नों की क्विज की लिंक हर शनिवार को व्हाट्सएप पर भेजी जाएगी, बच्चों द्वारा पूरे सप्ताह में अपनी सुविधानुसार इसे हल किया जा सकता है, परन्तु यथासंभव सोमवार तक प्रत्येक बच्चे द्वारा इसे हल करने के लिए शिक्षकों द्वारा प्रोत्साहित किया जाएगा। यह आकलन साप्ताहिक आधार पर होगा। हर शनिवार नई क्विज का लिंक साझा किया जायेगा। राज्य स्तर से जिलेवार व्हाट्सएप नंबर साझा किये गए हैं।

व्हाट्सएप आधारित मूल्यांकन में शिक्षकों की भूमिका

व्हाट्सएप आधारित मूल्यांकन में शिक्षक मूल्यांकन संबंधी दिशा-निर्देश एवं लिंक विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों से साझा करेंगे। क्विज या प्रश्नोत्तरी को हल करने में शिक्षक विद्यार्थियों की सहायता करेंगे। वे इस प्रक्रिया में विद्यार्थियों की सहभागिता भी सुनिश्चित करेंगे। शिक्षक इसकी भी मॉनीटरिंग करेंगे कि प्रश्नों को बच्चे ही हल करें, उनके परिजन नहीं।

इस प्रकार होगा व्हाट्सएप आधारित मूल्यांकन का संचालन

कॉन्वेजीनियस संस्था के प्रतिनिधि शशांक पाण्डेय ने कहा कि भोपाल और होशंगाबाद संभाग के लगभग 2 लाख बच्चों को क्विज से जोड़ा जा चुका है। यह मूल्यांकन उतना ही आसान है, जितना मित्रों और परिवार से चैट करना। विद्यार्थी अपने जिले के लिए जारी किये गए व्हाट्सएप नंबर पर मेसेज भेजेंगे। बच्चे पहले जिले का चयन करेंगे, फिर विकास खंड का चयन करेंगे। फिर बच्चे को अपनी कक्षा डालनी होगी। फिर वे अपना नाम डालेंगे। इस प्रकार पंजीकरण पूर्ण होगा। इस पूरी प्रक्रिया में स्वचालित तरीक़े से रिप्लाई प्राप्त होगा। भविष्य में समग्र आईडी ऐड करके भी यह कार्य सरलता से किया जा सकेगा। इसके बाद क्विज प्रारंभ होगा। सभी विद्यार्थियों का पंजीकरण होने के बाद वे क्रमशः हिंदी और गणित का अभ्यास कर सकते हैं। शिक्षकों को मूल्यांकन की रिपोर्ट भी मिलेगी, जिसके आधार पर वे बच्चों की खामियों और खूबियों और विषय-विशेष के ज्ञान के बारे में जान पाएंगे।

उप संचालक, राज्य शिक्षा केंद्र, के.पी.एस. तोमर ने सम्पूर्ण प्रक्रिया की विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि डिजिलेप की सामग्री को आधार मानकर ही व्हाट्सएप आधारित मूल्यांकन के प्रश्न बनाये गए हैं। मूल्यांकन के सुचारू संचालन के लिए शिक्षकों के साथ ही अभिभावकों को भी इसे समझाना होगा। उन्होंने आरआरएसएस यानी रिसीव, रीड, शेयर, सपोर्ट का विस्तृत वर्णन किया। होम लर्निंग और रेमेडिअल टीचिंग द्वारा शिक्षक विद्यार्थियों को सक्षम बना रहे हैं। मोबाइल और रेडियो के माध्यम से अब शिक्षक भी पूरी प्रक्रिया से फ्रेंडली/परिचित हो गए हैं, इसलिए यह प्रक्रिया शासकीय विद्यालयों में पढ़ने वाले और कमज़ोर आयवर्ग वाले अभिभावकों के बच्चों के लिए भी बहुत अच्छा प्रयास सिद्ध होगा। इस लाइव सत्र में लगभग 35 हज़ार से अधिक शिक्षकों द्वारा सहभागिता की गई।