सोनिया गांधी करें कांग्रेस का नेतृत्व: कमलनाथ और दिग्विजय सिंह 

0
3

नई दिल्ली 
सोमवार यानी आज होने वाली कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक से कुछ घंटे पहले मध्य प्रदेश के दोनों पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और दिग्विजय सिंह ने सोनिया गांधी को पूर्णकालिक अध्यक्ष बनने की बात कही है। दोनों नेताओं ने एक के बाद एक ट्वीट कर अपना समर्थन जताया है।

दिग्विजय सिंह ने कहा कि वह नेहरू-गांधी परिवार के बिना कांग्रेस की कल्पना नहीं कर सकते हैं और पार्टी का एक साधारण कार्यकर्ता किसी और को पार्टी अध्यक्ष के रूप में स्वीकार नहीं करेगा। दोनों नेताओं के ट्वीट आधे घंटे से भी कम समय के अंतराल में सामने आए।

कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक 100 से अधिक कांग्रेस नेताओं के द्वारा पार्टी अध्यक्ष को बड़े पैमाने पर बदलाव लाने के लिए पत्र लिखने की पृष्ठभूमि में हो रही है। कमलनाथ ने ट्वीट किया, ''सोनिया गांधी के नेतृत्व पर कोई भी सुझाव या आक्षेप बेतुका है। मैं सोनिया गांधी से अपील करता हूं कि वे अध्यक्ष के रूप में कांग्रेस पार्टी को मजबूती प्रदान करें और कांग्रेस का नेतृत्व करें।” मुझे इंदिरा गांधी जी , संजय गांधी , राजीव गांधी, सोनिया गांधी और राहुल गांधी के साथ काम करने का सौभाग्य मिला है। मुझे लगभग 40 वर्षों तक , लंबे समय के रूप में संसद सदस्य के रूप में कांग्रेस पार्टी की सेवा करने का सौभाग्य मिला है।
 
उन्होंने कहा, ''मुझे इंदिरा गांधी, संजय गांधी, राजीव गांधी, सोनिया गांधी और राहुल गांधी के साथ काम करने का सौभाग्य मिला है। मुझे लगभग 40 वर्षों तक, लंबे समय के रूप में संसद सदस्य के रूप में कांग्रेस पार्टी की सेवा करने का सौभाग्य मिला है। मैं कई वर्षों तक कांग्रेस पार्टी का महासचिव भी रहा। हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि सोनिया गांधी के खिलाफ तमाम झूठी अफवाहों के बावजूद उन्होंने 2004 में कांग्रेस पार्टी की जीत का नेतृत्व किया और अटल बिहारी वाजपेयी को घर पर बैठाया।' दिग्विजय सिंह ने ट्वीट किया, "सोनिया गांधी का नेतृत्व सर्वमान्य है। यदि सोनिया गांधी कांग्रेस अध्यक्ष का पद छोड़ना ही चाहती हैं तो राहुल गांधी को अपनी जिद छोड़कर अध्यक्ष का पद स्वीकार कर लेना चाहिए। देश का आम कांग्रेस कार्यकर्ता और किसी को स्वीकार नहीं करेगा।''

सोनिया जी का नेतृत्व सर्व मान्य है। यदि सोनिया जी कॉंग्रेस अध्यक्ष का पद छोड़ना ही चाहती हैं तो राहुल जी को अपनी ज़िद छोड़ कर अध्यक्ष का पद स्वीकार कर लेना चाहिए। देश का आम कॉंग्रेस कार्यकर्ता और किसी को स्वीकार नहीं करेगा। दिग्विजय सिंह ने कहा, “यह समय कांग्रेस को एक मत होने का है। मत भिन्नता का नहीं। जिस परिवार ने देश की आज़ादी और उसके बाद जो देश के लिए त्याग और बलिदान किया है वह सर्व विदित है। मीडिया में जो कुछ आ रहा है मैं उस से सहमत नहीं हूं। नेहरू-गांधी परिवार के बिना कांग्रेस की मैं कल्पना भी नहीं कर सकता।''