सुशांत के केस में मारिजुआना का एंगल, हाउसकीपर नीरज का पुलिस के सामने चौंकाने वाला दावा

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नई दिल्ली
सुशांत सिंह राजपूत केस में एक्टर के यहां हाउसकीपर का काम करने वाले नीरज सिंह ने चौंकाने वाला खुलासा किया है. नीरज ने सुशांत के डोप (ड्रग्स की सिगरेट) लेने का दावा किया है. मुंबई पुलिस को दिए अपने बयान में नीरज ने कहा है एक्टर की मौत के कुछ दिन पहले उसने सुशांत के लिए मारिजुआना के सिगरेट रोल किए थे. नीरज ने मुंबई पुलिस को आगे बताया कि जब एक्टर का शव उनके बेडरूम में लटका मिला तो उस दिन डोप वाले बॉक्स को चेक किया था, तो वो खाली था. मुंबई पुलिस के मुताबिक ये खुदकुशी का मामला है. 

कब हुआ था नीरज का पहली बार सुशांत से संपर्क
अप्रैल 2019 में सुशांत सिंह राजपूत के एक परिचित के रेफरेंस से नीरज सिंह को एक्टर के यहां हाउसकीपिंग स्टाफ के तौर पर काम मिला. नीरज के मुताबिक जॉब लगने के बाद वो बीमार हो गया और उसने जॉब छोड़ दिया. लेकिन फिर कुछ ही दिन बाद मई 2019 में वो दोबारा जॉब पर आ गया. सुशांत के मैनेजर सैमुअल मिरांडा ने नीरज से संपर्क कर दोबारा काम पर वापस बुला लिया. नीरज के मुताबिक उसने मैंने कैप्री हाइट्स पाली मार्केट वाले एक्टर के घर में काम शुरू किया. नीरज का काम सफाई करना, कुत्तों को घुमाना, चाय और खाना परोसना, और अन्य चीजें जो सुशांत से जुड़ी थीं, उनका ध्यान रखना था. नीरज का कहना है कि जब उसने काम शुरू किया तो रजत मेवाती, सिद्धार्थ पिठानी, आयुष, सैमुअल मिरांडा, आनंदी, सैमुअल हॉकीब, अशोक केशव खासू सुशांत के लिए काम कर रहे थे. इसके बाद सुशांत सिंह राजपूत ने दिसंबर 2019 में जॉगर्स पार्क, बांद्रा में मो ब्लां अपार्टमेंट में शिफ्ट किया.

क्यों किसी को नहीं पता था कि बेडरूम की चाबियांं कहां थीं?
इस सवाल पर नीरज सिंह ने कहा, “मैं रोज घर की सफाई करता और सुशांत सर का बेडरूम रोज साफ होता था. कई बार जब सुशांत सर बाहर काम के लिए जाते थे तब मैं उनके बेडरूम की सफाई करता था. इससे पहले जब कैपरी हाइट्स में रहते थे तो वह मुंबई से बाहर जाते समय बेडरूम को बंद कर देते थे और किचन में चाबी रखते थे, लेकिन जब से हम मो ब्लां अपार्टमेंट में शिफ्ट हुए, तब वो चेंज करने के दौरान या रिया मैम के अंदर मौजूद होने के दौरान रूम बंद रहता था. बाकी किसी भी समय कमरों को कभी लॉक नहीं किया जाता था. यही वजह है कि मुझे नहीं पता था कि उनके बेडरूम की चाबियां कहां थीं? 

प्रेतबाधा वाला कैप्री हाइट्स?
हाउस कीपर नीरज कुमार ने बयान में कहा, “जब हम कैप्री हाइट्स पाली मार्केट के फ्लैट में ठहरे थे, हमें वॉकी टॉकी सेट दिए गए थे. सुशांत सर हमें फोन करते या वॉकी टॉकी सेट के ज़रिए काम के लिए कहते. एक रात जब मैं सो रहा था, तब वाकी पर मैंने सुना कि "नीरज लाइट बंद कर दो", मैं सर के बेडरूम की ओर गया और देखा कि वो सो रहे थे और लाइट बंद थी. कुछ समय बाद फिर मैंने वो आवाज सुनी और फिर मैं गया, लेकिन सुशांत सर सो रहे थे. मैं बहुत डर गया और फिर उस रात सो नहीं सका. जब हम वहां थे तो हम लिफ्ट को ऊपर-नीचे जाते हुए सुन सकते थे और कई बार नगाड़े की थाप जैसा शोर सुनाई देता था. इसी वजह से सुशांत सर कुछ दिनों के लिए कैप्री हाइट्स से वाटरस्टोन्स क्लब में शिफ्ट हो गए थे.

सुशांत की मौत के बाद मारिजुआना जॉइंट्स बॉक्स खाली पाए गए
हाउसकीपर की ओर से पुलिस को दिए बयान के मुताबिक, सुशांत सर हर हफ्ते घर में आनंदी, रिया, आयुष के साथ एक या दो बार पार्टी किया करते थे. उन पार्टियों के दौरान वे शराब और मारिजुआना सिगरेट लिया करते थे. सैमुअल जैकब सुशांत सर के लिए मारिजुआना सिगरेट को रोल करते थे. कभी-कभी मैं भी जोइंट्स रोल किया करता था. मैंने उनके लिए तीन दिन तक मारिजुआना सिगरेट रोल किए, जो कि सीढ़ियों के पास स्थित कपबोर्ड में एक सिगरेट केस में रखे थे. सुशांत सर के खुदकुशी करने के बाद मैंने देखा मारिजुआना सिगरेट बॉक्स खाली था.

यूरोप टूर और बीमारी
पुलिस को दिए बयान में नीरज ने सुशांत और रिया चक्रवर्ती के 2019 के यूरोप टूर के बारे में भी विस्तार से बताया-  “सुशांत सर अक्टूबर 2019 में रिया मैम के साथ यूरोप गए थे. जब वह वापस आए तो वह रिया मै के घर गए और वहां दीवाली भी मनाई. बाद में वह कैप्री हाइट्स वाले घर पर वापस आए तो बहुत कमजोर थे वह एक नए घर की तलाश में थे तो भी बहुत  बहुत कमजोर दिख रहे थे. यह वही वक्त था जब सर, रिया के घर पर रहने के लिए गए थे. उसी दौरान सैमुअल ने मुझे बताया कि सर अस्पताल में भर्ती हुए थे. डेढ़ महीने बाद दिसंबर 2019 में, मो ब्लां हाउस किराए पर लिया गया था. तब हम पावना फार्म हाउस में ठहरे थे और मुझे मिरांडा की ओर से घर की सफाई के लिए बुलाया गया था. सर उस वक्त मो ब्लां ब्लॉक में शिफ्ट होने से पहले रिया मैम के घर पर रह रहे थे. जब मैंने सर को देखा तो वह बहुत कमजोर लग रहे थे. उन्होंने तब मुझे बताया था कि वह ठीक नहीं थे और उनका इलाज चल रहा था. तब साहब का ज्यादातर समय घर पर ही बीतता था. वह ताज लैंड्स एंड पर जिम के लिए ही घर से बाहर निकलते थे.

सुशांत के घर पर रिया शिफ्ट
सुशांत के घर रिया कब शिफ्ट हुई, इसको लेकर नीरज ने बयान में कहा,  “फिर लॉकडाउन शुरू हो गया. रिया मैम मो ब्लां वाले घर में में शिफ्ट हो गईं, वह सर के साथ रहतीं लेकिन कुछ समय अपने माता-पिता से मिलने के लिए एक या दो दिन के लिए जाती थीं या उनके माता-पिता मिलने के लिए मो ब्लां आ जाते. लॉकडाउन के दौरान, रिया मैम और सुशांत सर दोनों जागते थे और ब्लैक कॉफी पीते थे, टैरेस पर वर्क आउट के लिए भी जाते थे. लंच करने के बाद कभी-कभी वे मुझसे छत पर योगा और म्यूजिक इक्विपमेंट्स रखने के लिए कहते थे. उनके टैरेस से जाने के बाद मैं वहां की सफाई कर देता. केशव रात का खाना बनाता था और फिर साहब सोने चले जाते. यह उनका डेली रूटीन था. 

मौत से पहले का एक हफ्ता 
नीरज ने सुशांत की मौत वाले दिन से एक हफ्ते पहले का ब्यौरा पुलिस को दिए बयान में दर्ज कराया.
8 जून:
नीरज ने बयान में कहा है, “8 जून को, केशव ने सभी के लिए रात का खाना बनाया. सर और रिया मैम को डिनर सर्व करने की हम तैयारी कर रहे थे तब अचानक रिया मैम ने फोन कर मुझे उनका बैग पैक करने के लिए कहा. रिया मैम तब बहुत गुस्से में दिखीं और उन्होंने मुझे एक अलमारी में रखे अपने कपड़े पैक करने के लिए कहा. एक और अलमारी में भी उनके कपड़े थे लेकिन उन्होंने कहा कि वो बाद में उन्हें कलेक्ट करेंगी. और वह अपने भाई शोविक के साथ डिनर किए बिना चली गईं. उस दौरान सुशांत सर सारे समय कमरे में बैठे रहे. उसी दिन रिया मैम के जाने के बाद सुशांत सर की बहन मीतू सिंह घर पर आईं.”

12 जून:
 “12 जून को, मीतू दीदी वहां से गईं और जाते हुए मुझसे कहा कि वह दो तीन दिनों के बाद वापस आएंगी. उन्होंने मुझे सर का ख्याल रखने के लिए भी कहा. जब मीतू दीदी घर पर थीं, सर उनके साथ खाना खाते थे. लेकिन जिस दिन वो गईं, सर टैरेस पर गए और मुझे अपना रूम साफ करने के लिए कहा. मैंने रूम साफ किया.’’

13 जून:
“13 जून को, सुशांत सर सुबह 7 बजे उठे, मैं कुत्ते को टहलाने के लिए निकल गया, मैं करीब 9 बजे लौटा, तो सुशांत सर अपने रूम में बैठे थे. फिर मैं रूम की सफाई करने गया, तो उन्होंने मुझे बाद में आने के लिए कहा. दोपहर को मैंने खिचड़ी तैयार की और सर को सर्व की. शाम को सर रूम से बाहर आए और टैरेस पर गए. वह कुछ समय बाद लौटे और डिनर नहीं किया. सिर्फ मैंगो शेक लेकर सो गए.” 

14 जून:
सुशांत की मौत वाले दिन यानि 14 जून को लेकर नीरज ने पुलिस को दिए अपने बयान में कहा, “मैं हमेशा की तरह 14 जून को सुबह 6:30 बजे उठा, और कुत्ते को घुमाने के लिए ले गया. मैं लगभग 8 बजे लौटा तब मैंने सीढ़ियों के ऊपर के रूम्स को साफ किया और फिर सीढ़ी साफ कर रहा था. सुशांत सर अपने कमरे से बाहर आए और ठंडा पानी मांगा. जब मैंने पानी दिया, तो उन्होंने वहीं पानी पिया. उन्होंने मुझसे पूछा कि क्या हॉल साफ है और फिर वह मुस्कुराए और वापस चले गए. उसके बाद सुबह करीब 9:30 बजे जब मैं हॉल की सफाई कर रहा था, तब मैंने देखा कि केशव केले, नारियल पानी और जूस लेकर सर के रूम में जा रहा है. जब केशव वापस आया तो उसने बताया कि सर ने सिर्फ नारियल पानी और जूस लिया. लगभग 10:30 बजे केशव फिर से साहब के रूम में ये पूछने गया कि वह लंच में क्या लेना पसंद करेंगे. केशव ने डोर खटखटाया लेकिन रूम अंदर से लॉक था और अंदर से कोई जवाब नहीं आया. केशव ने सोचा कि साहब सो गए हैं तो वो सीढ़ी से नीचे आ गया. केशव ने यह बात दीपेश और सिद्धार्थ को बताई. वे रूम पर गए और खटखटाने लगे. उन्होंने काफी देर तक खटखटाया लेकिन अंदर कोई हलचल नहीं हुई. सर ने दरवाजा नहीं खोला. दीपेश ने नीचे आकर मुझे इस बारे में बताया. मैं भी रूम पर गया लेकिन साहब दरवाजा नहीं खोल रहे थे. फिर सिद्धार्थ ने सर का फोन मिलाया, लेकिन साहब ने कॉल का जवाब भी नहीं दिया. हमने कमरे की चाबियों ढ़ूढना शुरू किया लेकिन वो हमें नहीं मिलीं. फिर मीतू दीदी ने हमें कमरा खोलने के लिए कहा. उस समय वे रास्ते में थी और उन्होंने जल्द ही पहुंचने की बात कही. सिद्धार्थ ने चाबी वाले को बुला लिया.”

चाबी बनाने वाले को बुलाया गया
“दोपहर 1:30 बजे के आसपास दो चाबी बनाने वाले आए, जिन्होंने दरवाजा खोलने के लिए चाबी बनाने की कोशिश की लेकिन उन्हें समय लग रहा था. इसलिए सिद्धार्थ ने उन्हें ताला तोड़ने के लिए कहा. अगले पांच से दस मिनट में उन्होंने ताला तोड़ दिया. उसके बाद चाबी वालों को नीचे भेजा गया. दीपेश ने उन्हें 2000 रुपये दिए और वे चले गए.

स्टार की मौत
 “जब दीपेश ऊपर आया तो हमने दरवाजा खोला. कमरे में अंधेरा था और एयरकंडिशनर चल रहा, तभी दीपेश ने लाइट ऑन की. सिद्धार्थ दरवाजे से आगे बढ़ा और जल्दी से बाहर आ गया, उसके पीछे मैं और दीपेश भी अंदर गए. मैंने देखा कि सुशांत सर का चेहरा खिड़की की तरफ था और शरीर सीलिंग फैन से हरा कुर्ता गर्दन पर के साथ बिस्तर के एक ओर लटक रहा था. यह देखकर मैं डर गया और कमरे से बाहर आ गया. सिद्धार्थ ने मीतू दीदी को फोन किया और उन्हें इस बारे में बताया. उसके बाद सिद्धार्थ ने मुझे चाकू से कपड़ा काटने के लिए कहा. मैं चाकू ले आया और सिद्धार्थ ने कुर्ते को काट दिया. इससे सर की बॉडी नीचे आई. उनके पैर बेड से बाहर थे और बाकी शरीर बेड पर था. उसी वक्त सुशांत की बहन कमरे में आईं और चिल्लाना शुरू किया 'गुलशन तूने ये क्या किया'. उसके बाद मीतू दीदी ने हमें सर की बॉडी को बिस्तर पर ठीक से व्यवस्थित करने के लिए कहा. तो हम तीनों ने उसे ठीक से बिस्तर पर लिटा दिया. मैंने उनके गले में बंधे कुर्ते को निकाल कर एक तरफ रख दिया. सिद्धार्थ ने उनकी छाती को पंप करने की कोशिश की लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ. फिर सिद्धार्थ ने पुलिस को फोन किया और फिर पुलिस पहुंची. हैंगिंग के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला कुर्ता सुशांत सर का था. उनके पास अलग-अलग रंगों के फेब इंडिया मेक के तीन चार ऐसे ही कुर्ते थे. पूजा करते समय वो इन कुर्तों का इस्तेमाल करते थे.