सवर्णों के खिलाफ फूल सिंह बरैया बरैया का बयान बना कांग्रेस के गले की हड्डी

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भोपाल
मध्य प्रदेश के दतिया जिले की भांडेर विधानसभा सीट से अपने प्रत्याशी फूल सिंह बरैया के विवादित बयान को लेकर कांग्रेस असमंजस में है। पार्टी ऐसे आपत्तिजनक बयान की निंदा करने के बजाय सफाई दे रही है कि यह बयान तब का है, जब बरैया बसपा में थे। कांग्रेस में आने के बाद उनके ऐसे कोई विचार नहीं हैं। इधर, भाजपा इसे अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग के बजाय हिंदू विरोधी बताकर आगे बढ़ रही है। आरएसएस ने भी इसे हिंदुओं के खिलाफ साजिश बताते हुए सक्रियता बढ़ा दी है। हिंदूवादी संगठन लोगों को बता रहे हैं कि कांग्रेस को सियासत चमकाने से मतलब है, तभी तो वह मौन है। अब ये सवाल उठने लगे हैं कि क्या कांग्रेस भी मानती है कि सवर्ण विदेशी हैं? उधर, विधि विशेषज्ञ भी ऐसे बयान को आपराधिक कृत्य बता रहे हैं।

कांग्रेस प्रत्याशी फूल सिंह बरैया के बयानों को लेकर उठे सवाल 
दरअसल, आदिवासियों को गैर हिंदू बताने की साजिश के खिलाफ संघ और हिंदूवादी संगठन सक्रिय हैं। इस बीच बरैया का वीडियो वायरल हो गया, जिसमें वे कह रहे हैं कि सवर्ण बाहर से आए हैं। एक अन्य वीडियो में बरैया सवर्ण महिलाओं को लेकर आपत्तिजनक बातें कहते दिखाई दे रहे हैं। दोनों बयानों पर कांग्रेस ने एक तरह से बरैया का समर्थन ही किया। पार्टी ने न बरैया से जवाब मांगा, न ही खंडन किया, बल्कि वीडियो को ही फर्जी बता दिया। अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या कांग्रेस ने बरैया को मौन समर्थन दे रखा है? प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ इस पर बात नहीं करना चाहते तो पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि सवाल ही नहीं उठता कि सवर्ण विदेशी हैं। बरैया ने खुद ही कह दिया है कि वीडियो झूठा है।

बरैया के बिगड़े बोल
पहला वीडियो
..अगर हम लोग कमजोर पड़ गए तो वो संविधान बदलकर हिंदू राष्ट्र बना देंगे। हम लोग मजबूत बन गए तो यह कह जरूर रहे हैं कि ये मुसलमान खदेड़ देंगे, हम इन्हें ही खदेड़ देंगे। .क्योंकि मुसलमान हमारा भाई है। डीएनए टेस्ट करा लो, मुसलमान हमारा ही, एक माता-पिता की संतान निकलेंगे।.देश पहले वो छोड़ेगा जो पहले आया है, बाद में वो छोड़ेगा जो बाद में आया है। अंग्रेज बाद में आए हैं, ये (सवर्ण) पहले आए हैं।

दूसरा वीडियो
..अनुसूचित जाति के लोग ब्राह्मण का वेश धारण करें, तिलक लगाएं और सवर्णों के घर जाकर महिलाओं को प्रसाद के बहाने लड्डू दे आएं। इन्हें खाने से सवर्ण महिलाएं अस्पृश्य हो जाएंगी और फिर सवर्ण वर्ग के लोग उन्हें अजा वर्ग के लोगों के घर छोड़ आएंगे। इस तरह अजा के लोगों के पास दो-दो पत्नियां हो जाएंगी।

हमारा लेना-देना नहीं: कांग्रेस
कमल नाथ के मीडिया समन्वयक नरेंद्र सलूजा ने वीडियो को संपादित और झूठा बताया है। सलूजा ने कहा कि जिस समय बरैया बसपा के नेता थे, वीडियो उस समय का है। कांग्रेस का वीडियो से लेना-देना नहीं है। कांग्रेस ऐसी विचारधारा में विश्वास नहीं करती है। कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में बरैया ने ऐसा बयान नहीं दिया है। कांग्रेस प्रत्‍याशी फूल सिंह बरैया ने कहा कि भाजपा ऐसे सारे कुत्सित प्रयास कर रही है, जिससे हमारा ध्यान भटक जाए। जो वीडियो वायरल हुआ है, वह झूठा है। मध्‍य प्रदेश के पूर्व महाअिधवक्‍ता रविनंदन सिंह ने कहा कि यह अपराध है। किसी भी जाति विशेष के खिलाफ भड़काऊ भाषण देना या अपमानजनक संबोधन करना आपराधिक कृत्य की श्रेणी में आता है। पुलिस को एफआइआर दर्ज करना चाहिए। भोपाल क वकील केपी श्रीवास्‍तव ने कहा कि सीआरपीसी की धारा 154 के अंतर्गत पुलिस कहीं भी एफआइआर दर्ज कर सकती है। आइपीसी की धारा 153 (क)(ख) के तहत धर्म, जाति, भाषायी आधार पर वैमनस्य फैलाना या लोक शांति में विघ्न पैदा करना आपराधिक कृत्य है। यह धारा 499, 500 के तहत मानहानि का भी अपराध बनता है।