संबल योजना से CM ने 3700 लोगों के खाते में डाले 80 करोड़ रुपये

0
1

भोपाल
 MP में विधान सभा (Assembly election) उप चुनाव से ठीक पहले गरीबों के कल्याण के लिए शुरू की गई संबल योजना फिर एक्टिव कर दी गई है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान  (cm shivraj) ने बुधवार को भोपाल के मिंटो हॉल में  संबल योजना के 22 जिलों के 3700 हितग्राहियों के खातों में 80 करोड़ रुपए एक क्लिक से ट्रांसफर किए.

22 में से 17 जिले ऐसे हैं जहां आने वाले वक्त में उपचुनाव होना हैं. ऐसे में यह कयास लगाए जाने लगे हैं कि आखिरकार संबल योजना से बीजेपी और सरकार को उपचुनाव में कितना बल मिलेगा? संबल योजना के हितग्राहियों को फायदा पहुंचाने के दौरान उन्हें संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पूर्व की कमलनाथ सरकार पर योजना बन्द करने के लिए हमला बोला. सीएम ने कहा मैं संबल योजना को दोबारा लागू करने के लिए ही चौथी बार सीएम बना हूं. संबल गरीबों के लिए दुनिया की सबसे बड़ी योजना है. पिछली सरकार ने तो बेटियों का अधिकार तक छीन लिया था. भांजे भांजियों के लैपटॉप और स्मार्ट फोन छुड़ा लिए थे.पिछली सरकार ने कन्यादान योजना में कहा था 51 हजार देंगे एक धेला भी नहीं दिया.

प्रवासी मजदूर भी शामिल होंगे
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कार्यक्रम के दौरान ऐलान किया कि संबल योजना का लाभ उन गरीब मजदूरों को भी दिया जाएगा जो कोरोना काल में लॉकडाउन के दौरान बाहर के प्रदेशों से मध्यप्रदेश वापस आए हैं उन्हें भी संबल में जोड़ने का काम शुरू किया जाएगा.इसके साथ ही संगठित क्षेत्र के मजदूरों को भी संबल योजना का लाभ मिलेगा. मुख्यमंत्री ने कहा संबल योजना में आयुष्मान योजना को भी जोड़ा जाएगा ताकि गरीबों को इलाज का फायदा मिल सके.

संबल पर सियासत
संबल योजना को लेकर सियासत भी खूब होती रही है. शिवराज सरकार ने 2018 विधानसभा चुनाव से पहले इस योजना को गरीबों के लिए शुरू किया था. उस वक्त यह माना गया कि यह योजना गेम चेंजर साबित होगी. लेकिन चुनाव में कांग्रेस की कर्ज माफी के मुकाबले इसका असर फीका हो गया. 2018 विधानसभा चुनाव के बाद जब कांग्रेस की सरकार बनी तो उसने संबल योजना बंद करने का फैसला कर लिया था. लेकिन 15 महीने बाद जैसे ही बीजेपी की सरकार दोबारा वापस बनी तो फिर संबल योजना शुरू करने की प्रक्रिया शिवराज सरकार ने शुरू कर दी.