लापरवाही या चूक: शव की गलत शिनाख्त से निर्दोष युवक ने 14 महीने काटी जेल की हवा

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उन्नाव
अज्ञात महिला का जले शव की परिजनों के गलत पहचान से एक युवक को बेवजह 14 महीने तक जेल में निरुद्ध रहना पड़ा। डीएनए रिपोर्ट से मेल न खाने पर पुलिस जांच में जुटी और जिसे मृत बताया गया उसे जिंदा बरामद कर लिया। पुलिस महिला से पूछताछ कर रही है। शव किसका था, इसकी अभी नहीं शिनाख्त नहीं हो सकी है।

उन्नाव कोतवाली क्षेत्र के जुराखनखेड़ा निवासी योगेन्द्र ने 22 मार्च 2018 को मोहल्ले के प्रमोद वर्मा पर पत्नी को भगा ले जाने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया था। कहा गया कि 8 मार्च 2018 की शाम वह पत्नी को भगा ले गया। बारह दिन बाद 2 अप्रैल 2018 को आसीवन के शेरपुर कलां गांव के पास महिला का जला हुआ शव मिला। गांव के किशनपाल ने हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में महिला की जलकर मौत की पुष्टि हुई थी।

उधर, 27 मई 2018 को महिला की पोटली, फोटो, कपड़े, चूड़ी आदि देखकर पति योगेन्द्र, मां गायत्री, बहन महिमा, प्रेमा देवी, रमाकान्ती ने योगेन्द्र की पत्नी के रूप में पहचान की थी। तत्कालीन थाना प्रभारी सियाराम वर्मा ने जांच शुरू की। इसमें प्रमोद को आरोपित बनाया गया। 

विवेचक के तबादले के बाद प्रभारी जयशंकर सिंह ने आरोपित को कोर्ट के आदेश से जेल भेज दिया। मौजूदा थाना प्रभारी राजेश सिंह ने महिला व उसकी बेटी गौरी व अन्य परिजनों की डीएनए कराने के लिए कोर्ट की शरण ली। डीएनए रिपोर्ट परिवार से मेल नहीं खा रही थी। इस पर पुलिस ने महिला की खोजबीन शुरू की। थाना प्रभारी ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर बुधवार को हैदराबाद चौकी प्रभारी रामआसरे चौधरी ने उसे मियागंज चौराहे के पास से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। 

पूछताछ में महिला बोली पति से होता था विवाद
महिला ने पूछताछ के दौरान बताया कि आए दिन उसका पति से विवाद होता रहता था। इससे तंग आकर वह महाराष्ट्र के अहमदनगर चली गई थी। काफी प्रयास के बाद एक अस्पताल में उसे मरीजों के केयर टेकर की नौकरी मिली। उधर, कुछ दिन बाद अस्पताल में काम करने वाले एक युवक के साथ रहने लगी। 

रिपोर्ट भेजकर कोर्ट को देंगे जानकारी: एसपी
एसपी ने बताया कि गायब महिला के पति ने प्रमोद वर्मा के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया था, जिसके बाद उसे जेल भेज दिया गया था। जमानत मिलने से वह जेल से बाहर है। बताया कि करीब 14 महीने जेल में रहा। महिला के जिंदा बरामद होने के बाद कोर्ट को रिपार्ट भेजकर अवगत करवाया जाएगा।