रूस ने कहा है कि उसने दूसरी कोरोना वायरस वैक्‍सीन बनाने में सफलता हासिल कर ली

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मास्‍को
रूस ने कहा है कि उसने दूसरी कोरोना वायरस वैक्‍सीन बनाने में सफलता हासिल कर ली है। इस वैक्‍सीन (EpiVacCorona) में ऐसा कोई भी साइड इफेक्‍ट नहीं होगा जो पहली वैक्‍सीन में था। इससे पहले रूस के राष्‍ट्रपति व्‍लादिमीर पुतिन ने Sputnik V नाम से कोरोना वायरस वैक्‍सीन बनाने की घोषणा की थी। हालांकि इस वैक्‍सीन के कई साइड इफेक्‍ट को लेकर रूस की कड़ी आलोचना हुई थी।

रूस ने इस नई वैक्‍सीन का नाम EpiVacCorona नाम दिया और इसको लेकर संदेह के बादल उमड़ सकते हैं। इससे पहले विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन ने कहा था कि कोई भी कोरोना वायरस वैक्‍सीन वर्ष 2021 के पहले नहीं आ पाएगी। रूस EpiVacCorona वैक्‍सीन का निर्माण साइबेरिया में सोवियत संघ के एक पूर्व टॉप सीक्रेट बॉयोलॉजिकल हथियारों के प्‍लांट में कर रहा है।

वैज्ञानिकों ने बताया कि रूस की इस नई कोरोना वायरस वैक्‍सीन का क्लिनिकल ट्रायल सितंबर में पूरा हो गया लेकिन जिन 57 लोगों को यह वैक्‍सीन दी गई थी उन्‍हें साइड इफेक्‍ट नहीं हुआ है। उन्‍होंने कहा कि सभी वॉलंटियर बहुत अच्‍छा महसूस कर रहे हैं। इन लोगों को 23 दिनों तक हॉस्पिटल में रखा गया था ताकि उनका परीक्षण किया जा सके। समाचार एजेंसी इंटरफैक्‍स ने बताया, 'सभी वॉलंटियर अच्‍छा महसूस कर रहे हैं। कोई भी दुष्‍प्रभाव अब तक नहीं मिला है।'
 
पुतिन ने कहा कि इस वैक्सीन के ट्रायल के दौरान उनकी एक बेटी ने भी हिस्सा लिया। पहले चरण के वैक्सीनेशन के बाद उसके शरीर का तापमान 38 डिग्री सेल्सियस था, जबकि अगले दिन यह 37 डिग्री सेल्सियस हो गया था। वैक्सीन ने दूसरे चरण के बाद उसके शरीर का तापमान थोड़ा बढ़ा लेकिन बाद मे सब ठीक हो गया। वह अब अच्छा महसूस कर रही है।

रूसी राष्ट्रपति पुतिन की निजी जिंदगी रहस्यों से भरी हुई है। ऐसे में उनके परिवार के बारे में बहुत कम जानकारी ही दुनिया के लोगों को पता है। खुद रूसी सरकार ने भी पुतिन की जिंदगी से जुड़ी जानकारियों को छिपाने की खूब कोशिश की है। उन्होंने कभी भी सार्वजनिक रूप से अपने परिवार के सदस्यों को आने नहीं दिया है।

रूसी रिपोर्ट्स के अनुसार, पुतिन ने पहली शादी लगभग 35 साल पहले ल्यूडमिला शकरबेनेवा से की थी। वह रूसी एयरलाइन में फ्लाइट अटेंडेंट का काम करती थीं। पुतिन को अपनी पहली पत्नी से दो बेटियां मिलीं, जिनके नाम मारिया और कैटरीना है। कहा यह भी जाता है कि उनकी कथित गर्लफ्रेंड ने भी 2015 में एक बेटी को जन्म दिया था।

मारिया का जन्म लेलिनग्राद में सन 1985 में हुआ था, जबकि कैटरीना का जन्म 1986 में जर्मनी में हुआ था। कैटरीना के जन्म के समय पुतिन रूस की खुफिया एजेंसी केजीबी के लिए काम करते थे। तब उनकी पोस्टिंग जर्मनी में थी। बताया जाता है कि दोनों बेटियों का नामांकरण पुतिन की मां ने किया था।

पुतिन अपनी बड़ी बेटी को माशा जबकि छोटी बेटी को कात्या के नाम से बुलाते हैं। पुतिन 1996 में जर्मनी से अपने परिवार को लेकर रूस आ गए। राष्ट्रपति बनने के बाद से उनकी बेटियों की पढाई लिखाई घर पर ही की गई। बताया जाता है कि रूसी राष्ट्रपति की बेटियों का मीडिया कवरेज भी रूस में बैन है।

वॉलंटियर्स को 14 से 21 दिनों के अंदर दो बार इस नई वैक्‍सीन की खुराक दी गई। रूस को आशा है कि इसे अक्‍टूबर तक रजिस्‍टर किया जा सकेगा और नवंबर में उत्‍पादन शुरू हो जाएगा। इस वैक्‍सीन को वेक्‍टर स्‍टेट रिसर्च सेंटर ऑफ वायरोलॉजी एंड बॉयोटेक्‍नालॉजी ने तैयार किया है। यह लैब दुनिया की उन दो जगहों में शामिल है जहां पर चेचक के वायरस को रखने की अनुमति है। दूसरी जगह अमेरिका में है।

बता दें कि रूस के कोरोना वैक्सीन बनाने के दावे के बाद से ही विवाद भी शुरू हो चुका है। अमेरिका से लेकर जर्मनी तक मास्को की वैक्सीन स्पूतनिक-वी (Sputnik-V) पर शक जाहिर कर रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भी रूस से कई सबूत मांग लिए हैं। इधर कई विशेषज्ञ वैक्सीन बनाने की हड़बड़ाहट में उसकी सुरक्षा और प्रभाव को लेकर भी सवाल उठा रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, जबतक तीसरे स्टेज के डेटा पर चर्चा नहीं हो जाती वैक्सीन को सुरक्षित नहीं कहा जा सकता है। इस बीच, रूस ने कहा है कि उसे 20 देशों से बड़ा ऑर्डर मिल चुका है।