राजधानी में 10 फीट से अधिक का नहीं होगा रावन दहन

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रायपुर। 30 अक्टूबर को आयोजित होने वाले दशहरा को देखते हुए विभिन्न स्थानों में पुतला दहन करने वाले आयोजकों की बैठक में लिये गये निर्णय अनुसार पुतला दहन के संबंध में निर्देश दिए है।जिसके तहत 10 फीट से अधिक ऊंचाई के रावण के पुतलों का दहन किसी बस्ती रहवासी इलाके में न किया जाए। पुतला दहन खुले स्थान पर किया जाए। पुतला दहन कार्यक्रम में समिति के मुख्य पदाधिकारी सहित किसी भी हाल में 50 व्यक्तियों से अधिक व्यक्ति शामिल नहीं होगें।आयोजन के दौरान केवल पूजा करने वाले व्यक्ति शामिल होगें। अनावश्यक भीड एकत्रित नहोने देने की जिम्मेदारी आयोजको की होगी।

कार्यक्रम का यथासंभव आॅनलाईन माध्यमों आदि से प्रसारण किया जाए। पुतला दहन के दौरान आयोजन का वीडियोग्राफी कराया जाए तथा आयोजक एक रजिस्टर संधारित करेंगे और पुतला दहन कार्यक्रम में आने वाले सभी व्यक्तियों का नाम, पता, मोबाइल नंबर दर्ज किया जायेगा।आयोजन करने वाले व्यक्ति अथवा समिति 4 सीसीटीवी लगायेगा, ताकि उनमें से कोई भी व्यक्ति कोरोना संक्रमित होने पर कांन्टेक्ट ट्रेसिंग किया जा सके। प्रत्येक समिति या आयोजक समय पूर्व सोशल मीडिया में यह जानकारी दे कि कोरोना को दृष्टिगत रखते हुए कार्यक्रम सीमित रूप से किया जायेगा। पुतला दहन में कहीं भी सांस्कृतिक कार्यक्रम, स्वागत, भंडारा, प्रसाद वितरण, पंडाल लगाने की अनुमति नहीं होगी। आयोजन में उपस्थित प्रत्येक व्यक्ति को सोशल और फिजिकल डिस्टेंसिंग, मास्क लगाना एवं समय-समय पर सेनेटाईजर का उपयोग करना अनिवार्य होगा। रावण दहन स्थल से 100 मीटर के दायरे में आवश्यकतानुसार अनिवार्यत: बेरिकेटिंग कराया जाए।कार्यक्रम आयोजन के दौरान किसी भी प्रकार के वाद्य यंत्र, ध्वनि विस्तारक यंत्र डीजे धुमाल, बैंड पार्टी बजाने की अनुमति नहीं होगी। रावण पुतला दहन में किसी भी प्रकार के अतिरिक्त साज-सज्जा, झांकी की अनुमति नहीं होगी। अनुमति उपरांत समिति द्वारा सैनेटाइजर थर्मल स्क्रिनिंग, आक्सीमीटर, हेडवाश एवं क्यू मैनेजमेंट सिस्टम की व्यवस्था की जायेगी। थर्मल स्क्रीनिंग में बुखार पाये जाने अथवा कोरोना से संबंधित कोई भी सामान्य या विशेष लक्षण पाये जाने पर कार्यक्रम में प्रवेश नहीं देने की जिम्मेदारी समिति या आयोजकों की होगी।

कार्यक्रम आयोजन के दौरान अग्नि शमन की पर्याप्त व्यवस्था अनिवार्यत: किया जाना होगा। आयोजन के दौरान यातायात नियमों का पालन किया जाए। किसी प्रकार का यातायात बाधित न हो यह सुनिश्चित किया जाए। आयोजन के दौरान एन.जी.टी. व शासन के द्वारा प्रदूषण नियंत्रण के लिये निर्धारित मानकों, कोलाहल अधिनियम , भारत सरकार, माननीय सुप्रीम कोर्ट के दिशा निदेर्शो का अनिवार्य रूप से पालन किया जाना होगा, नियमों के उल्लंघन करने पर समिति या आयोजक जिम्मेदार होंगे। यदि कोई व्यक्ति जो पुतला दहन स्थल पर जाने के कारण संक्रमित हो जाता है तो इलाज का संपूर्ण खर्च पुतला दहन आयोजकों या समिति द्वारा किया जायेगा। कंटेनमेंट जोन में पुतला दहन की अनुमति नहीं होगी। यदि पुतला दहन कार्यक्रम के अनुमति के पश्चात् उपरोक्त क्षेत्र कंटेनमेंट क्षेत्र घोषित हो जाता है तो तत्काल कार्यक्रम निरस्त माना जायेगा एवं कंटेनमेंट जोन के समस्त निदेर्शो का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा। एक आयोजन स्थल से दूसरे आयोजन स्थल की दूरी 500 मीटर से कम न हो। आयोजन स्थल के लिये पहले आओ पहले पाओ नीति के तहत पहले प्राप्त आवेदनों को प्राथमिकता दी जाएगी।