मोदी सरकार कोरोना महामारी की तरह खेती-किसानी के लिए जानलेवा साबित हो रही है

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रायपुर
मोदी सरकार के द्वारा लाये गये तीन नए कृषि सम्बंधित विधेयक को कांग्रेस ने किसानों को चंद पूँजीपत्तियो के हाथों कठपुतली बनाने की योजना करार दिया। कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा कि मोदी सरकार के लिए विकास के मायने चंद पूँजीपत्तियो की तिजौरी को भरना है।नए अध्यादेश से खेत-खलिहान को पूंजीपतियों के हाथ गिरवी रखने का षडयंत्र कर रही भाजपा सरकार मोदी जी कसम किसानों की खाते हैं और दोस्ती मु_ीभर पूंजीपतियों से निभाते हैं।आज बाहुबली मोदी सरकार ने संसद में किसान और खेती विरोधी एक क्रूर काला अध्याय लिख डाला। किसान- खेत मजदूर के उज्जवल भविष्य को रौंदकर उनके भाग्य में बदहाली, बबार्दी लिख दी।

त्रिवेदी ने कहा कि भारत के भाग्यविधाता व अन्नदाता किसानों को बहुमत वाली बेरहम भाजपा सरकार ने बर्बाद किया और मु_ीभर पूंजीपति दोस्तों का सपना साकार किया। देशभर में 62 करोड़ किसान-मजदूर व 250 से अधिक किसान संगठन इन कानूनों के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं, पर प्रधानमंत्री मोदी सब ऐतराज दरकिनार कर देश को बरगला रहे हैं। अन्नदाता किसान की बात सुनना तो दूर, संसद में उनके नुमाईंदों की आवाज को दबाया जा रहा है और सड़कों पर किसान-मजदूरों को लाठियों से पिटवाया जा रहा है। याद कीजिए मोदी सरकार इसी प्रकार के तर्कों के साथ राहुल गांधी व कांग्रेस द्वारा बनाए गए भूमि के उचित मुआवजा कानून के खिलाफ भी तीन-तीन अध्यादेश लेकर आई थी। आज फिर किसानों की आजीविका का अंत करने के लिए तीन काले कानून लाई है। देश में कोरोना, सीमा पर चीन और खेती पर मोदी सरकार हमलावर है। यह एक लाइलाज कोरोना महामारी की तरह है, जो खेती और किसानी के लिए जानलेवा साबित हो रही है। मजदूर-किसान व कांग्रेस संसद से सड़क तक इन काले कानूनों के खिलाफ निर्णायक संघर्ष लड़ेंगे। हमारी बुलंद आवाज को बहुमत की गुंडागर्दी से नहीं दबाया जा सकता।

त्रिवेदी ने कहा कि महामारी की आड़ में किसानों की आपदा को मु_ीभर पूंजीपतियों के अवसर में बदलने की मोदी सरकार की साजिश को देश का अन्नदाता किसान व मजदूर कभी नहीं भूलेगा। भाजपा की सात पुश्तों को इस किसान विरोधी दुष्कृत्य के परिणाम भुगतने पड़ेंगे।