मराठा आरक्षण के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में उद्धव सरकार ने दायर की याचिका

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मुंबई
महाराष्ट्र की सरकारी नौकरियों और शिक्षा में मराठा आरक्षण पर लगी रोक को खत्म करने के लिए महाराष्ट्र की उद्धव सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। महाराष्ट्र राज्य के कई हिस्से में हो रहे प्रदर्शनों के बीच सरकार ने सुप्रीम कोर्ट की बड़ी बेंच में इस मामले की सुनवाई कराने के लिए याचिका दायर की है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने साल 2018 के उस कानून को लागू होने से रोक दिया था, जिसमें सरकारी नौकरी और शिक्षा में मराठा समुदाय को आरक्षण देने का प्रावधान था।

महाराष्ट्र सरकार का कहना है कि आरक्षण के मुद्दे को 11 सदस्यीय खंडपीठ को भेजा जाना चाहिए। सरकार की दलील है कि राज्य की 80 फीसदी आबादी पिछड़ी है, ऐसे में उसे आनुपातिक आरक्षण दिया जाना चाहिए। बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा में 29 नवंबर 2018 को मराठा समुदाय को सरकारी नौकरी एवं शिक्षा में 16 फीसदी आरक्षण देने का बिल पास हुआ था। इसे राज्यपाल की मंजूरी भी मिल गई थी। हालांकि बाद में इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी।

महाराष्ट्र में विरोध प्रदर्शन
बता दें कि महाराष्ट्र के सोलापुर जिले में सोमवार को मराठा आरक्षण समिति के लोगों की तरफ से विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। पूरे सोलापुर को आज बंद रखा गया है जिसमें शहर और ग्रामीण भाग दोनों का समावेश है। सड़क पर टायर जलाकर भी विरोध प्रदर्शन किया गया है। जिसके बाद स्थानीय पुलिस ने पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया है। स्थानीय पुलिस के साथ दंगा नियंत्रक फोर्स को भी शहर की सड़कों पर तैनात की किया गया है। मराठा समिति की तरफ से राज्य सरकार के खिलाफ आरक्षण को लेकर ढुलमुल रवैये आरोप लगता रहा है।

सीएम ने सभी दलों को बुलाकर की थी बैठक
हालांकि मुख्यमंत्री से कुछ दिन पहले ही सभी दलों की बैठक बुलाकर इस मसले का हल निकालने का प्रयास किया था। जिसमें सभी दलों ने एकमत से सरकार का साथ देने की बात कही थी। सरकार के मुखिया उद्धव ठाकरे ने भी मराठा समाज को यह विश्वास दिलाया था की सरकार उन्हें आरक्षण के देने लिए प्रतिबद्ध है।