भोज, महू और शहडोल विवि के कुलपति भी कर पाएंगे रैक्टर की नियुक्ति, राज्यपाल की मोहर का इंतजार

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भोपाल
भोज विश्वविद्यालय, महू विश्वविद्यालय और शहडोल विश्वविद्यालय में भी रैक्टर की नियुक्ति हो सकेगी। विश्वविद्यालय अधिनियम 1991 में यह प्रावधान किए जा रहे है। विश्वविद्यालय अधिनियम  1973 के प्रावधानों का हवाला देते हुए भोज विश्वविद्यालय ने यह प्रस्ताव दिया था, जिसको स्थाई समिति ने मंजूरी दे दी है। अब विश्वविद्यालय समन्वय समिति की मंजूरी के बाद उक्त विश्वविद्यालयों में रैक्टर की नियुक्ति हो सकेगी। गौरतलब  है  कि  विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को रैक्टर नियुक्त करने का अधिकार होता है। कुछ दिनों पहले बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के कुलनति आरजे राव ने डीन केबी पंडा को बीयू का रैक्टर नियुक्त किया है।

इसके अलावा अस्थाई समिति ने अन्य कई प्रस्तावों को मंजूरी दी है। इसके तहत अब विश्वविद्यालयों से संबद्ध कॉलेजों को कोड 28 के तहत शिक्षकों  की  नियुक्ति करना होगी। यह प्रावधान पहले से है। इसके बाद भी कॉलेजों में कोड 28 के तहत शिक्षकों की नियुक्ति नहीं होती है। इसको देखते हुए अब इस नियम को सख्ती से लागू करने की तैयारी विश्वविद्यालयों को करने के निर्देश जारी किए जा रहे हैं। वहीं पीएचडी की थीसिस को आॅनलाइन जमा किए जाने का प्रावधान भी लागू किया जाएगा। इससे पीएचडी में नकल सहित अन्य किसी भी प्रकार की  गड़बड़ी शोधार्थी नहीं कर पाएंगे।

लंबे समय से प्रदेश के विश्वविद्यालयों  के  अधिनियम  में एकरूपता लाने की बात चल रही है। इसको लेकर एक बार फिर स्थाई समिति ने मंजूरी दी है। इसका प्रस्ताव समन्वय समिति में रखा जाएगा। इसके तहत प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में परीक्षा और परीक्षा परिणाम एक ही समय पर आएंगे। प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों के पाठयक्रमों में सभी सामनता होगी। एक समय पर होंगे सभी विवि के एग्जाम।