भीमा मंडावी हत्याकांड में एनआईए ने 33 के खिलाफ किया चार्टशीट फाइल

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दंतेवाड़ा। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने 9 अप्रैल 2019 में नक्सलियों द्वारा ब्लास्ट कर विधायक भीमा मंडावी हत्याकांड मामले में 33 आरोपियों के खिलाफ चार्जफाल फाईल कर दी है जिसमें 6 आरोपियों की अभी तक गिरफ्ताार हुई और 5 की मौत हो चुकी है जबकि 22 अभी तक फरार चल रहे है जिनकी तलाश की जा रही है। नक्सलियों ने दिसंबर 2018 में रची थी साजिश।

विधायक भीमा मंडावी हत्याकांड में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने 33 आरोपियों के खिलाफ जगदलपुर की एनआईए कोर्ट में चार्जशीट फाइल कर दी है। इस चार्जशीट में बताया गया है कि 6 आरोपियों की अभी तक गिरफ्तार हो चुकी है,  5 की मौत हो गई है और 22 आरोपी अभी भी फरार चल रहे है जिनकी तलाश की जा रही है। चार्जशीट में बताया गया है कि दंतेवाड़ा निवासी मडका राम ताती, भीम राम ताती उर्फ भीम ताती, लिंग ताती उर्फ कुमारी लिंग ताती, लक्ष्मण जायसवाल उर्फ लक्ष्मण साओ, रमेश कुमार कश्यप उर्फ रमेश हेमला और हरिपाल सिंह चौहान को गिरफ्तार किया है। इन पर नक्सलियों को आश्रय, भोजन, लॉजिस्टिक सहायता, बिजली के तार और स्टील के कंटेनर उपलब्ध कराने का आरोप है। एनआईए की जांच में नक्सलियों के शीर्ष नेताओं को भी आरोपी बनाया गया है। जिसमें बाला केशव राव उर्फ गगना उर्फ बसवराज कट्टम सुदर्शन उर्फ आनंद, माललोजुल्ला वेणुगोपाल उर्फ भूपति उर्फ सोनू, थिप्पारी तिरुपति उर्फ देवजी रूला श्रीनिवास उर्फ रमन्ना, हिडमा उर्फ हिडमाना, गणेश उइके उर्फ पक्का हनुमंतु शामिल है।

एनआईए ने चार्जशीट में आगे बताया कि एनआईए ने अपनी जांच में पाया कि तत्कालीन विधायक भीमा मंडावी की हत्या की साजिश दिसंबर 2018 में रची गई थी और इसका फैसला पश्चिम बस्तर में दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी स्तर की बैठक में लिया गया था। फिर दरभा डिवीजन कमेटी स्तर पर फरवरी 2019 में दंतेवाड़ा में गोदरदास के जंगल हुई बैठक में हत्या की साजिश रची गई। हमले के लिए बाड़ा देव उर्फ बारसे सुक्का को जिम्मेदारी सौंपी गई। फिर 9 अप्रैल 2019 को नकुलनार-बचेली मार्ग पर श्यामगिरी गांव के पास आईईडी विस्फोट किया गया। नक्सली नेताओं का मानना था कि भीमा मंडावी वार्षिक मेले में शामिल होंगे। विस्फोट के बाद नक्सलियों ने फायरिंग की। इसमें विधायक भीमा मंडावी सहित सीएएफ के 4 जवान शहीद हुए थे।