भारत बनेगा एक्सपोर्ट हब,हर साल 1000 अरब डॉलर का निर्यात-पीयूष गोयल

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नई दिल्ली
चीन के साथ सीमा पर विवाद जारी है। उससे पहले कोरोना का केंद्र माने जाने के कारण पूरी दुनिया अब चीन के विकल्प की तलाश में हैं। भारत के लिए यह शानदार मौका है और मोदी सरकार भारत को मैन्युफैक्चरिंग हब और एक्सपोर्टिंग नेशन बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को कहा कि सरकार की ओर से दी जाने वाली सब्सिडी से निर्यात नहीं बढ़ेगा।

क्वॉलिटी और टेक्नॉलजी हमारी मजबूती
गोयल ने साफ-साफ कहा कि गुणवत्ता, प्रौद्योगिकी और उत्पादन (Quality, Technology and Production) के स्तर से भारत 1000 अरब डॉलर के निर्यात लक्ष्य को हासिल कर सकता है। उन्होंने कहा कि निर्यातक और उद्योग साथ मिलकर काम करेंगे, तभी हम 1000 अरब डॉलर के निर्यात के लक्ष्य को हासिल कर पाएंगे।

1000 अरब डॉलर निर्यात का लक्ष्य ज्यादा मुश्किल नहीं
गोयल ने कहा, 'हम भारत से 1000 अरब डॉलर के निर्यात का लक्ष्य क्यों नहीं रख सकते। मुझे इसकी कोई वजह नजर रहीं आती। इसके लिए हमें कार्रवाई योग्य उत्पादों पर ध्यान देना होगा। सब्सिडी के जरिये हम इस लक्ष्य को हासिल नहीं कर सकते। इसको लेकर मैं पूरी तरह स्पष्ट हूं।' गोयल ने चुनिंदा क्षेत्रों में निर्यात की दृष्टि से आने वाली अड़चनों को दूर करने की रणनीति पर एक वेबिनार को संबोधित करते हुए कहा, 'कम से कम पिछले छह साल तक पद पर रहने के दौरान मैंने देखा है कि भारत की समस्याओं का समाधान सब्सिडी नहीं है।

लंबे समय की रेस के लिए सब्सिडी कामगर नहीं
उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि क्वॉलिटी , टेक्नॉलजी, वृद्धि स्तर और कई बार लघु अवधि में कुछ समर्थन के जरिए आप निर्यात बढ़ा सकते हैं। लेकिन यदि आप लंबे समय के लिए सब्सिडी के जरिये निर्यात को आगे बढ़ाना चाहते हैं, तो यह काम नहीं करेगा।' मंत्री ने उन क्षेत्रों की पहचान करने पर जोर दिया, जिनमें सूझबूझ से तैयार नीतियों के जरिये निर्यात को 1000 अरब डॉलर पर पहुंचाया जा सकता है।