भारत पर टिड्डियों के हमले की खुशी मनाने वाला चीन अब खुद बेहाल

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 बीजिंग 
कभी भारत पर टिड्डियों के हमले से अर्थव्यवस्था के चौपट होने और इससे चीन के खिलाफ आर्थिक लड़ाई कमजोर पड़ने की उम्मीद में खुशी मनाने वाला ड्रैगन अब खुद बेहाल है। भारत सहित कई देशों में हमले के बाद टिड्डी दल चीन पहुंच चके हैं और यहां भी फसलों को बर्बाद करने में जुट गए हैं। चीन के दक्षिणी भाग में टिड्डी दल किसानों के लिए मुसीबत बन गए हैं तो ट्रेड वॉर और कोरोना वायरस की वजह से अर्थव्यवस्था की बदहाली झेल रहे चीन के लिए यह एक और बड़ा झटका हो सकता है।  

चीन के बड़े अखबार साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की खबर के मुताबिक यह दशकों में टिड्डियों का सबसे बड़ा हमला है और यह इसका असर कल्पना से परे है। जून के अंत में चीन में घुसे टिड्डियों ने जमकर कहर बरपाया है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक जुलाई के 20 दिनों में टिड्डियों का प्रसार दोगुना हो चुका है। सरकार अब इन टिड्डियों को रोकने के लिए सक्रिय हुई है और कीट नियंत्रण करने वाले कर्मचारियों को गांवों और जंगलों में भेजा गया है। कीटनाशक के छिड़काव के लिए ड्रोन्स का सहारा लिया जा रहा है। 

27 जुलाई को कृषि और ग्रामीण मामलों के मंत्रालय ने आपातकालीन बैठक बुलाई, जिसमें युन्नान के साथ गुआंगशी, सिचुआन और गुईझोऊ के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। मंत्रालय ने कहा कि इस साल लाओस से बड़ी संख्या में टिड्डी घुसे हैं जो जंगलों और खेतों में फैल गए हैं। इससे कृषि उत्पादन पर बड़ा संकट पैदा हो गया है। टिड्डियों का हमला ऐसे समय में हुआ है जब चीन पहले ही सूखा और देश के कई हिस्सों में भारी वर्षा-बाढ़ की वजह से कृषि उत्पादन कम होने को लेकर चिंतित है। इस संकट का मुकाबला करने के लिए चीन के राष्ट्रपति ने खाने की बर्बादी रोकने की मुहिम चलाई है। 

भारत पर टिड्डियों के हमले पर क्या बोला था चीन?
लद्दाख में हिंसक झड़प के बाद भारत में चीनी सामानों के बहिष्कार की मुहिम शुरू होने से परेशान चीन मन्नतें मांग रहा था कि भारत पर हमला करने वाले टिड्डी दल इतना नुकसान कर दें कि भारत उसके खिलाफ ट्रेड वॉर ना कर सके। चीन की सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी के मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स ने कहा था कि टिड्डी दल के हमले से यह साफ हो गया है कि भारत चीन के खिलाफ ट्रेड वॉर शुरू नहीं कर पाएगा।  

ग्लोबल टाइम्स ने कहा था कि इसका भारत की अर्थव्यवस्था और कृषि पर भारी असर होगा। टिड्डी हमला उम्मीद से अधिक गंभीर है और इसे नियंत्रित के लिए बहुत अधिक प्रयास करने की जरूरत होगी। लेख में आगे लिखा गया है कि भारत पर टिड्डी हमला जले पर नमक छिड़कने जैसा है। इससे भारतीय अर्थव्यवस्था को और बड़ा आघात लगेगा और गरीबी और असमानता बढ़ेगी।