भारत एक से अधिक कोरोना वैक्सीन के इस्तेमाल पर कर रहा है विचार, स्वास्थ्य मंत्री बोले- कमजोर तबके को पहले

0
4

 नई दिल्ली 
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने रविवार को कहा कि कोरोना वायरस के संक्रमण से लोगों को बचाने यानी हर किसी का टीकाकरण के लिए एक से अधिक वैक्सीन निर्माता के साथ गठजोड़ करना होगा। साथ ही उन्होंने कहा कि यह भी सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि सबसे कमजोर समूह इसे पहले प्राप्त करें। मंत्री ने कहा, “भारत के बड़े जनसंख्या आकार को ध्यान में रखते हुए, एक टीका या वैक्सीन निर्माता पूरे देश में टीकाकरण की आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम नहीं होगा। इसलिए, हम भारतीय आबादी के लिए उनकी उपलब्धता के अनुसार देश में कई कोरोना टीकों को पेश करने की व्यवहार्यता का आकलन करने के लिए तैयार हैं।”

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने रविवार को कहा कि सरकार ने भारत में कोविड-19 टीके के आपातकालीन प्रयोग की मंजूरी पर फिलहाल कोई निर्णय नहीं किया है। मंत्री ने कहा कि कोरोना का पता लगाने के लिए फेलूदा पेपर स्ट्रिप जांच अगले कुछ हफ्ते में शुरू की जा सकती है। हर्षवर्धन ने कहा कि वर्तमान में कोविड-19 टीका मानव क्लीनिकल परीक्षण के पहले, दूसरे और तीसरे… विभिन्न चरणों में है जिसके परिणाम की प्रतीक्षा है। स्वास्थ्य मंत्री सोशल मीडिया के अपने प्रशंसकों के साथ संडे संवाद प्लेटफॉर्म पर बातचीत कर रहे थे।

उन्होंने कहा, ''रोगियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की खातिर टीके के आपातकालीन प्रयोग की अनुमति देने के लिए पर्याप्त सुरक्षा और प्रभावी आंकड़ों की जरूरत होगी। आंकड़ों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई निर्भर करेगी।' मंत्री ने पहले कहा था कि कोविड-19 टीका 2021 की प्रथम तिमाही में उपलब्ध हो सकता है। आर्थिक कारणों से युवा और कामकाजी लोगों को कोविड-19 का टीका लगाने को प्राथमिकता देने के कयासों से इनकार करते हुए हर्षवर्धन ने कहा, ''कोविड-19 टीका लगाने के लिए समूहों की प्राथमिकता दो मुख्य बातों पर निर्भर करेगी — पेशेवर खतरा और संक्रमण का जोखिम, गंभीर बीमारी होने का खतरा तथा बढ़ती मृत्यु दर।''

इस मुद्दे पर कि सरकार किस तरह से कोविड-19 के टीके को लाने की योजना बना रही है, उन्होंने कहा कि यह विचार है कि शुरुआत में टीके की आपूर्ति सीमित मात्रा में उपलब्ध होगी। मंत्री ने कहा, ''भारत जैसे बड़े देश में टीके की आपूर्ति को प्राथमिकता देना कई कारकों पर निर्भर करता है जैसे संक्रमण का खतरा, विभिन्न जनसंख्या समूह के बीच अन्य रोगों का प्रसार, कोविड-19 मामलों के बीच मृत्यु दर और कई अन्य।'' उन्होंने कहा कि भारत विभिन्न प्रकार के टीकों की उपलब्धता पर गौर कर रहा है जिनमें से कुछ विशिष्ट उम्र वर्ग के लिए उपयुक्त हो सकते हैं जबकि अन्य उस आयु वर्ग के लिए उपयुक्त नहीं हो सकते हैं।