बुसा कृष्णा राजू की दिल का दौरा पड़ने से निधन ,ट्रंप के लिए रखा था उपवास

0
3

  हैदराबाद
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के स्वास्थ्य के लिए उपवास कर रहे उनके भारतीय फैन बुसा कृष्णा राजू की दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। दरअसल ट्रंप के कोरोना संक्रमित होने की खबर से कृष्णा बहुत परेशान थे और उन्होंने अपने फेवरिट लीडर के जल्द ठीक होने के लिए उपवास रखा था। बता दें कि कृष्णा ट्रंप के डाई-हार्ड फैन थे। उन्होंने अपने घर पर ट्रंप की 6 फीट लंबी मूर्ति भी बनवा रखी थी जिसका वह रोज दुग्धाभिषेक करते थे।

कृष्णा के परिवार ने बताया कि ट्रंप के कोरोना पॉजिटिव की खबर मिलते ही उन्होंने उपवास रखा और प्रार्थनाएं कीं। वह इस चिंता के कारण सो भी नहीं पा रहे थे। रविवार रात कार्डिऐक अरेस्ट के चलते उनकी मौत हो गई।

घर पर बनाया था ट्रंप का मंदिर
तेलंगाना के किसान बुसा कृष्णा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बड़े फैन थे। ट्रंप के लिए उनकी दीवानगी इसी से जाहिर होती है कि उन्होंने अपने घर में ट्रंप की 6 फीट ऊंची मूर्ति स्थापित की थी। कृष्णा का घर हैदराबाद से 120 किमी दूर जनगांव जिले में स्थित है।

हर रोज करते थे ट्रंप की पूजा
कृष्णा रोज ट्रंप की पूजा करते थे, दूध से उनका अभिषेक करते थे और मूर्ति के पैर भी छूते थे। यहां एक टिन शेड के नीचे मूर्ति स्थापित की गई है। तेलंगाना के किसान बुसा कृष्णा ने न सिर्फ डोनाल्ड ट्रंप की मूर्ति स्थापित की थी बल्कि अपनी खास चीजों में भी उनकी तस्वीर लगाई थी। कृष्णा ने अपने मोबाइल में डोनाल्ड ट्रंप का बैक कवर लगाया था।

2 लाख रुपये खर्च कर बनवाई थी ट्रंप की मूर्ति
कृष्णा ने पिछले साल 14 जून को 20 लोगों की मदद से अपने घर पर ही ट्रंप की 6 फुट ऊंची प्रतिमा बनाई थी। इस मूर्ति के लिए उन्होंने तकरीबन 2 लाख रुपये खर्च किए थे। उन्होंने कहा था कि पहले तो गांव के लोगों ने इसे लेकर उनका मजाक बनाया लेकिन जब उन्हें पता चला कि यह अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का दुनिया भर में अकेला मंदिर है, तब लोगों ने उन्हें गंभीरता से लेना शुरू किया था।

ट्रंप और उनकी पत्नी को हुआ था कोरोना
बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी पत्नी मेलानिया ट्रंप पिछले दिनों कोरोना से संक्रमित पाए गए थे, जिसके बाद उन्हें होम आइसोलेशन में रखा गया था। इसके बाद ट्रंप की तबियत बिगड़ने पर उन्हें मिलिट्री अस्पताल में भर्ती कराया गया था। ट्रंप पिछले हफ्ते अस्पताल से वापस आ गए थे।