बिहार विधानसभा चुनाव में राजद ने सर्वे रिपोर्ट में निगेटिव छवि वाले 18 विधायकों के टिकट काटे

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पटना 
बिहार विधानसभा चुनाव 2020 को लेकर राजद ने चुनाव पूर्व सभी विधानसभा क्षेत्रों का सर्वेक्षण कराया था। एक प्राइवेट एजेंसी द्वारा किए गए इस सर्वे की रिपोर्ट का असर पार्टी के टिकट वितरण पर दिख रहा है। दो दर्जन से अधिक ऐसे मौजूदा विधायक थे, जिनकी रिपोर्ट उनके निर्वाचन क्षेत्र से अच्छी नहीं आई थी। 

उन्हें दोबारा टिकट देने पर हार की आशंका जताई गई थी। साथ ही सीटों का जातिगत गणित भी इस रिपोर्ट में शामिल था। जहां तक राजद के टिकटों का सवाल है तो पार्टी के अब तक डेढ़ दर्जन विधायक बेटिकट हो चुके हैं। हालांकि इनमें दो ऐसी सीटें भी शामिल हैं, जिनमें टिकट उन्हीं के परिजन को मिला है।

राजद ने सर्वेक्षण रिपोर्ट को गंभीरता से लिया
पार्टी सूत्रों की मानें तो यह सर्वेक्षण सभी 243 सीटों पर कराया गया था। इसमें सिटिंग विधायकों के रिपोर्ट कार्ड के साथ ही यह भी देखा गया था कि किस क्षेत्र से किस जाति के उम्मीदवार की जीत की संभावनाएं अधिक हैं। राजद ने सर्वेक्षण रिपोर्ट को गंभीरता से लिया है। टिकट वितरण में तमाम विधायकों के टिकट काट दिये गये हैं। वहीं कुछ ऐसी सीटें महागठबंधन में शामिल वाम दलों को भी दे दी गई हैं, जहां की सर्वे रिपोर्ट ठीक नहीं थी। हालांकि वाम दलों की मांग भी उन सीटों की थी। अभी कुछ और टिकट कटने की आशंका से भी इंकार नहीं किया जा सकता। इसके अलावा राजद सर्वे रिपोर्ट के आधार पर सहयोगी दलों से भी पूछ रहा है कि वे किस सीट पर किस जाति का प्रत्याशी उतार रहे हैं।

इन विधायकों के कटे टिकट
मखदुमपुर में सूबेदार दास, हरसिद्धि में राजेंद्र कुमार, केसरिया में राजेश कुमार, बरौली में नेमतुल्लाह, गोरियाकोठी में सत्यदेव प्रसाद, तरैया में मुंद्रिका यादव, सहरसा में अरुण यादव, सिमरी बख्तियारपुर में जफर आलम। गरखा में मुनेश्वर चौधरी, जो अब जाप में शामिल हो गए हैं। वहीं अतरी सीट पर मौजूदा विधायक कुंती देवी की जगह उनके पुत्र अजय यादव और संदेश के विधायक अरुण यादव के स्थान पर उनकी पत्नी किरण देवी मैदान में हैं।

गठबंधन की भेंट चढ़ी इन विधायकों की सीटें
राजद के सात मौजूदा विधायकों की सीटें गठबंधन की भेंट चढ़ गईं। इनमें से पांच सीटें माले को और दो सीपीआई के खाते में गई हैं। ऐसे में आरा के विधायक अनवर आलम, काराकाट के संजय कुमार, अरवल के रविंदर सिंह, ओबरा से बीरेंद्र प्रसाद बेटिकट हो गए हैं। वहीं 2015 में पालीगंज सीट पर भी राजद ने जीत दर्ज की थी। वहां से जयवर्धन यादव जीते थे, जिन्होंने पिछले दिनों जदयू की सदस्यता ले ली थी। यह पांचों सीट माले के खाते में गई है। वहीं राजद की झंझारपुर और बखरी सीट सीपीआई को चली गई है। झंझारपुर से गुलाब यादव और बखरी से उपेंद्र पासवान भी बिना टिकट हो गए हैं।