बिहार में राजनीतिक हलचल तेज, उपेंद्र कुश्वाहा महागठबंधन को छोड़कर एनडीए में शामिल हो सकते हैं

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 पटना  
बिहार में विधानसभा चुनाव की तारीख के ऐलान के साथ ही राजनीतिक हलचल तेज हाे गई। दावेदार जहां टिकट के लिए अपनी-अपनी पार्टी में जोर अजमाइश कर रह हैं तो वहीं कई बड़े नेता गठबंधन बदलने को तैयार हैं। उपेंद्र कुश्वाहा महागठबंधन को छोड़कर एनडीए में शामिल हो सकते हैं। जब इस बारे में नीतीश कुमार से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि मुझे जानकारी नहीं है। हां, जीतन राम मांझी महागठबंधन से अलग होकर एनडीए का हिस्सा बने हैं। 

एनडीए में सीटों का बंटवारा जल्द : 

विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद शुक्रवार को जदयू कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि एनडीए में सीटों के बंटवारे पर कोई निर्णय नहीं हुआ है। जल्द इस पर काम किया जाएगा। तीन चरणों के चुनाव में अब हमलोगों के पास ज्यादा समय भी नहीं है। कम समय में सारे काम हमलोगों को करने होंगे। 

चिराग के सवाल पर कुछ नहीं बोले 
लोजपा अध्यक्ष चिराग पासवान को लेकर कई बार सवाल के बावजूद मुख्यमंत्री ने खुलकर कुछ भी नहीं बोला। पत्रकारों ने यह भी सवाल किया कि मांझी एनडीए में आ गए हैं तो अब लोजपा की जरूरत नहीं रही। इस पर मुख्यमंत्री बोले कि ऐसी बात नहीं है। 

जो भी कहा, उसे पूरा किया 
मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव के पहले अथवा उसके दौरान हमने जो भी कहा, उसे बाद में पूरा किया है। वर्ष 2015 में सात निश्चय किया था। बाद में हमलोगों का गठबंधन बदल गया, पर सात निश्चय को हमने पूरा किया। कोई भी काम पेंडिंग नहीं छोड़ा है। कुछ हिस्सा बचा है, जो अक्टूबर, 2020 तक पूरा हो जाएगा। 15 वर्षों में हर क्षेत्र शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पुल, बिजली आदि के लिए काम किया। सभी क्षेत्र के लिए विकास किया। आगे जनता मालिक है। 

हम सबके लिए लड़ते हैं
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम जहां हैं, जिसके लिए हैं, उन सबके लिए लड़ते हैं। हम विरोधियों का भी सम्मान करते हैं। चाहे कोई कुछ भी बोले, हम अपना काम करते हैं। कुछ लोगों को बोलने की आदत होती है, उन्हें बोलने दें।