बिहार चुनाव: नामांकन के लिए अब नहीं होगा रोड शो, न ही नेताओं का रेला, ऐप से होगा नॉमिनेशन

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 नई दिल्ली 
कोरोना संक्रमण के चलते चुनाव आयोग की तरफ से उठाए गए कई ऐहतियाती कदमों के बाद उम्मीदवारों के नामांकन के लिए चुनाव आयोग मोबाइल ऐप पर काम कर रहा है। इसके जरिए उम्मीदवार नामांकन दाखिल करने के साथ ही सिक्योरिटी भी जमा करा पाएंगे। पूरे मामले से वाकिफ सूत्र ने सहयोगी अखबार हिन्दुस्तान टाइम्स को इस बात की जानकारी दी।

ऐप को महत्वपूर्ण बिहार चुनाव से पहले जारी किया जा सकता है, जहां पर नवंबर में विधानसभा का कार्यकाल खत्म हो रहा है। ऐसा पहली बार होगा जब उम्मीदवारों को ऑनलाइन नामांकन की इजाजत दी जाएगी। देश में कोरोना के मामले 57 लाख के पार हो चुके हैं। ऐसे में कोविड-19 के बढ़ते मामलों को देखते हुए पिछले महीने चुनाव आयोग की तरफ से मतदान, मतगणना और चुनाव प्रचार को लेकर नियमों में कई बदलावों के ऐलान किए गए थे।

पूरे मामले से वाकिफ सूत्र ने बताया, “ऐप के जरिए उम्मीदवार ऑनलाइन नामांकन दाखिल कर पाएंगे। हालांकि, यह वैकल्पिक होगा। अगर कोई उम्मीदवार ऑफ लाइन नामांकन करना चहता हैं तो वे उसके लिए स्वतंत्र हैं।”

भुगतान के लिए इस ऐप को भीम यूपीआई टेक्नॉलोजी से जोड़ा जा सकता है। सामान्य कैटगरी के उम्मीदवार को चुनाव लड़ने के लिए जमानत राशि के तौर पर दस हजार रुपये जमा कराना होता है, जबकि अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति को 5 हजार रुपये जमा करना होता है। ये पैसे रिफंडेबल होते हैं बशर्ते को वह उम्मीदवार वैध मतों खाते में के कुल वोटों का छठवां हिस्सा न पड़ा हो। ऐसे में उम्मीदवार की जमानत राशि जब्त हो जाती है।

हालांकि, ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन ऐप ही एक मात्र ऐसा नहीं है जिसे चुनाव आयोग बिहार चुनाव में लगाने की तैयारी कर रहा है। एक अन्य ऐप को चुनाव आयोग पहले ही लांच कर चुका है, जिससे रियल टाइम डेटा एनालिसिस और भीड़ के प्रबंधन को लेकर इस्तेमाल किया जाएगा। दिल्ली विधानसभा चुनाव में सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में इस ऐप का इस्तेमाल किया गया था।

सूत्र ने बताया, प्रत्येक मतदाता पर्ची क्यूआर कोड के साथ आती है जिसे ऐप से स्कैन किया होता है, जो हर विधानसभा क्षेत्र का घंटे के हिसाब से डेटा देता है। इससे भीड़ के प्रबंधन में भी मदद मिलती है क्योंकि इस समय सोशल डिस्टेंसिंग को सुनिश्चित करने के चलते यह आवश्यक हो गया है।