बिना चढ़ोत्तरी के नहीं बन सकता गरीबी रेखा कार्ड

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जबलपुर
लोकसेवा से गरीबी रेखा कार्ड बनवाने आवेदन करने वाले जरूरतमंदों को एसडीएम दफ्तर से लेकर बाबूतंत्र,राजस्व निरीक्षक  और पटवारियों ने मजाक बना रखा है। गरीबी रेखा कार्ड बनवाने भटक रहे आवेदकों का कहना है कि बिना चढ़ोत्तरी कोई काम नहीं होता और उन्हें परेशान किया जा रहा है।
 नियम अनुसार आवेदक द्वारा आवेदन किए जाने पर एसडीएम को राजस्व निरीक्षक या पटवारी भेज कर आवेदक की छानबीन कराना होती है। इसमें रिपोर्ट पर आए तथ्यों के अनुसार आवेदक का गरीबी रेखा कार्ड बनाना या अस्वीकार किया जाना होता है, लेकिन हालात यह हैं कि आवेदन करने के महीनों बाद तक आवेदक के पास न कोई पटवारी आता है न राजस्व निरीक्षक, बल्कि यदि आवेदक आवेदन के बारे में पता करने एसडीएम के दफ्तर जाता है तो बाबू उसे फाइल निकाल कर थमा देते हैं जिसमें आवेदक से कह दिया जाता है कि वह आरआई या पटवारी से इसमें रिपोर्ट लगवा लाए। अब हालात यह होते हैं कि आवेदक की बात मानने से पटवारी और आरआई इंकार करने लगते हैं। अधिकारी के आदेश बिना आवेदक की मजबूरी हो जाती है कि वह आरआई-पटवारी की चिरौरी करे तब उसकी रिपोर्ट तैयार हो। उस पर भी यदि चढ़ोत्तरी नहीं दी गई तो आवेदक की रिपोर्ट उल्टी बनाई जा सकती है।

उधर जानकारों के मुताबिक समूचे कारोबार में दलाली का रोल चरम पर है। थ्रू-प्रॉपर चैनल आवेदन करने पर न केवल समय पर गरीबी रेखा का कार्ड बन कर होम डिलेवरी हो सकता है बल्कि जो गरीब नहीं हैं उनका भी गरीबी रेखा कार्ड प्रशासन जारी कर सकता है। इन हालातों में हो यह रहा है कि जो वास्तविक जरूरतमंद हैं उनके लिए गरीबी रेखा कार्ड बनवाना मुश्किल है और चढ़ोत्तरी चढ़ा कर फर्जी गरीबों की जिले में भरमार है। प्रशासन से आवेदकों को न्याय दिलाने की मांग की गई है।