बाबरी ढांचे विवाद में आए फैसले का छग भाजपा ने किया स्वागत

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रायपुर
28 साल बाद अयोध्या में बाबरी ढांचे गिए जाने के मामले में सभी 32 आरोपियों जिनमें वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती समेत अन्य लोगों को सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने बरी कर दिया। इसका छत्तीसगढ़ भाजपा की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमन और नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने स्वागत करते हुए कहा कि ने स्वागतने स्वागत करते हुए इन नेताओं ने मंच में कोई उकसावे या ढांचे को तोड?े की बात नहीं की। यह एक स्वाभाविक प्रतिक्रिया में टूट गया। 28 सालों तक केस चला सारे सबूत आए और सत्य की जीत हुई, दूध का दूध और पानी का पानी हो गया।

पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि इस फैसले में यह साफ किया गया है कि वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती समेत अन्य लोगों को बरी किया गया है। इन नेताओं ने मंच में कोई उकसावे या ढांचे को तोड?े की बात नहीं की, यह एक स्वाभाविक प्रतिक्रिया में टूट गया। दो बड़े फैसले आए, एक फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने माना कि वहां राम मंदिर था, बाद में एक स्ट्रक्चर बना दिया गया। दूसरा सभी 32 सभी आरोपियों को सीबीआई की कार्ट ने बरी करने का फैसला सुनाया। 300 साल से जो संघर्ष हुआ इसकी जीत है, मामला करोड़ों लोगों की भावना से था, यह फैसला स्वागत योग्य है।

नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि सभी वरिष्ठ नेताओं को आरोपी बनाया गया। सारे तथ्यों के आधार पर फैसला आया। जिस प्रकार से 28 सालों तक केस चला सारे सबूत आए और सत्य की जीत हुई, दूध का दूध और पानी का पानी हो गया। दरअसल, बाबरी मस्जिद ढांचा ढहाए जाने के 265 दिन बाद मामले की जांच का जिम्मा सीबीआई को सौंपा गया। उसे पता करना था कि किसने साजिश रची, किसने ढांचा गिराया। सीबीआई टीम करीब 3 साल जांच करती रही। फिर सीबीआई के स्पेशल कोर्ट में ही सुनवाई शुरू हुई। आखिरकार 30 सितंबर को फैसला आ गया। बाबरी से सब बरी कर दिए गए।