पूर्व मंत्री पी सी शर्मा को हाई कोर्ट से राहत ,अभी नहीं करना पड़ेगा बंगला खाली

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जबलपुर
 मध्य प्रदेश (Madhya pradesh) में चल रही बंगला पॉलिटिक्स के बीच पूर्व मंत्री पी सी शर्मा (P C Sharma) को जबलपुर हाई कोर्ट से अंतरिम राहत मिल गई है.शर्मा ने फिलहाल बंगला खाली न करने के पीछे स्वास्थ्य का हवाला अदालत में दिया था. कोर्ट ने उस पर सुनवाई करते हुए पीसी शर्मा के बंगले को फिलहाल खाली न कराने का आदेश संपदा विभाग को दिया है. कोर्ट ने शर्मा और शासन दोनों को 4 हफ्ते का समय दिया गया है.

मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार गिरने के बाद कमलनाथ सरकार के मंत्रियों ने सरकारी बंगले खाली नहीं किए हैं. प्रदेश के संपदा विभाग ने सभी को बंगला खाली करने का नोटिस थमाया है. शर्मा ने उन्हें और अन्य मंत्रियों को भेजे गए बंगले से बेदखली के नोटिस के खिलाफ हाई कोर्ट में आवेदन दिया था. इस आवेदन में शर्मा की ओर से कोर्ट में यह बताया गया कि वो हाल ही में कोरोना संक्रमण से मुक्त हुए हैं. उन्हें 9 अगस्त को ही अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया है. इस बीच अचानक बंगला खाली करने में उन्हें परेशानी होगी. स्वास्थ्य कारणों को ध्यान में रखते हुए हाई कोर्ट ने पूर्व मंत्री पी सी शर्मा के आवेदन को स्वीकार करते हुए अंतिम राहत दे दी है. कोर्ट ने फौरी तौर पर उनके बंगला खाली करने पर रोक लगाते हुए 4 सप्ताह का समय दिया है. इस दौरान उन्हें नया घर एलॉट करने का आदेश कोर्ट ने दिया है.

शर्मा को करना होगा एप्लाय
हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि इस अंतरिम आदेश के बाद शर्मा को नया घर एलॉट कराने के लिए एक आवेदन सरकार के सामने रखना होगा. इस बीच सरकार को भी 4 सप्ताह के भीतर उन्हें नया घर एलॉट करना होगा. इस मत के साथ मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने पीसी शर्मा को फौरी राहत देते हुए मामले का निपटारा कर दिया है.

बंगलों से बेदखली
कमलनाथ सरकार के कई मंत्रियों को बंगले से बेदखली के लिए नोटिस जारी किए गए थे. कई जगह अमला पहुंचा था और बंगलों को खाली भी कराया गया. इसके पूर्व संपदा विभाग ने बेदखली के लिए पूर्व मंत्री तरुण भनोट, सज्जन सिंह वर्मा ,हुकुम सिंह कराड़ा ,गजेंद्र सिंह राठौर ,ओमकार सिंह मरकाम ,प्रियव्रत सिंह ,सुखदेव पांसे ,उमंग सिंगार, कमलेश्वर पटेल, लखन घनघोरिया ,सचिन यादव और सुरेंद्र बघेल को नोटिस जारी किए थे. विजयलक्ष्मी साधौ का बंगला इसी हफ्ते खाली कराया गया.