पटना के सिटी एसपी विनय तिवारी को क्वारंटाइन करने का मामला अब तूल पकड़ा 

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पटना   
बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले की जांच करने मुंबई पहुंचे पटना के सिटी एसपी विनय तिवारी को क्वारंटाइन करने का मामला अब तूल पकड़ा जा रहा है। बिहार के डीजीपी ने इस मामले को लेकर सोमवार को कहा कि हमने क्वारंटाइन गाइडलाइंस की जांच की। इसकी कोई जरूरत नहीं थी। यदि कोई अधिकारी सूचना देकर, वाहन और आवास के इंतजाम की अनुरोध कर गया है तो तो वो सिक्रेटली नहीं गया था। एसपी विनय तिवारी ने पत्र लिखकर बांद्रा के डीसीपी को अपने आने की सूचना दे दी थी। डीजीपी ने कहा कि उस नियम को कोट करते हुए पटना के आईजी संजय सिंह बीएमसी के चीफ को एक पत्र लिख रहे हैं। 
 
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले की जांच के लिये पटना से मुंबई गये आईपीएस अधिकारी विनय तिवारी को जबरन क्वारंटाइन में में भेजे जाने को अनुचित बताया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह विषय राज्य के पुलिस महानिदेशक गुप्तेश्वर पांडेय ने महाराष्ट्र के अधिकारियों के समक्ष उठाया है। यह पूछे जाने पर कि क्या इस विषय को लेकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के बारे में वह कुछ कहना चाहेंगे, नीतीश कुमार ने कहा, 'यह कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं है। यह बिहार पुलिस के एक कानूनी दायित्व का विषय है। हम इसे पूरा करने की हरसंभव कोशिश करेंगे। 

सुशांत सिंह राजपूत का शव 24 जून को मुंबई में बांद्रा स्थित उनके आवास में फंदे से लटका हुआ पाया गया था। सुशांत के पिता ने अपने बेटे की मौत के बाद एक प्राथमिकी दर्ज कराई, जिसके बाद बिहार पुलिस इस मामले की जांच में शामिल हुई। सुशांत के पिता ने रिया चक्रवर्ती और उनके परिवार के सदस्यों पर अभिनेता को आत्महत्या के लिये उकसाने का आरोप लगाया है। बिहार के डीजीपी ने रविवार को आरोप लगाया था कि तिवारी को मुंबई में बीएमसी के अधिकारियों ने जबरन क्वारंटाइन में भेज दिया।
 
बिहार विधानसभा में सोमवार को विभिन्न दलों के सदस्यों ने पटना में पैदा हुए अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत की सीबीआई से जांच कराने की मांग की। भाजपा विधायक नीरज कुमार सिंह बबलू ने सबसे पहले यह मांग की। बबलू दिवंगत अभिनेता के रिश्तेदार भी हैं। उन्होंने यह मांग उस समय की, जब सदन द्वारा 12 विधेयक पारित किए जाने के बाद अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी ने सदस्यों को इस विषय पर बोलने की अनुमति दी। विधानसभा का मानसून सत्र एक दिन के लिए आहूत किया गया है। विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने यह मामला केंद्रीय एजेंसी को सौंपने की मांग का समर्थन किया और जोर दिया कि राजद पहली पार्टी थी, जिसने ऐसी मांग की थी। उन्होंने कहा, मैंने सुशांत राजपूत की मौत के तुरंत बाद सीबीआई को पत्र लिखा था और यह भी अनुरोध किया था कि राजगीर में प्रस्तावित फिल्म सिटी का नाम दिवंगत अभिनेता के नाम पर रखा जाए।