पंजाब में कल से नाइट कर्फ्यू और वीकेंड लॉकडाउन ,दफ्तरों में 50 फीसदी कर्मचारी

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चंडीगढ़
पंजाब में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों पर रोक लगाने के लिए कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार ने सख्त फैसलों की तैयारी शुरू कर दी है। राज्य में कोरोना केसों की संख्या को नियंत्रित करने के लिए कैप्टन सरकार ने पंजाब के 167 शहरों में 21 अगस्त से शाम 7 बजे से सुबह 5 बजे तक नाइट कर्फ्यू  की व्यवस्था को लागू करने का फैसला किया है। इसके अलावा प्रदेश में वीकेंड पर लॉकडाउन  करने का ऐलान किया गया है।

गुरुवार को इन निर्णयों के साथ कैप्टन सरकार ने कहा है कि सभी फैसले 31 अगस्त  तक लागू रहेंगे। कैप्टन ने कहा कि इस अवधि में पब्लिक ट्रांसपोर्ट का परिचालन प्रतिबंधित रहेगा। इसके अलावा शादी और शोकसभा को छोड़कर कोई भी सार्वजनिक आयोजन नहीं किए जाएंगे। राज्य में कोरोना से बुरी तरह प्रभावित हुए पांच जिलों में सिर्फ 50 फीसदी दुकानों को खोलने की इजाजत होगी। ये दुकानें भी सिर्फ उन्हीं चीजों की होंगी जो कि आवश्यक वस्तुओं की श्रेणी में आती हो।

अधिकारियों को सख्त हिदायत
गुरुवार को अधिकारियों के साथ बैठक में सीएम ने कोरोना के बढ़ते मामलों पर चिंता जताते हुए सख्त हिदायतें दी। सीएम ने कहा कि राज्य में 920 लोग इस बीमारी से मारे गए हैं और सभी के निधन से मुझे दुख पहुंचा है। हमारा अनुमान है कि आने वाले वक्त में हालात और बदतर होंगे, ऐसे में हमें अब कठोर फैसले लेने होंगे।

50 फीसदी कर्मचारियों को काम की इजाजत
कैप्टन सरकार ने यह भी कहा कि राज्य के सभी सरकारी और निजी दफ्तरों में अब सिर्फ 50 फीसदी कर्मचारियों को ही आने की इजाजत होगी। इसके अलावा पब्लिक ट्रांसपोर्ट के साधनों में सिर्फ 50 फीसदी सवारियां बैठाई जा सकेंगी। प्राइवेट कार में तीन लोगों को बैठने की इजाजत होगी और इसका नियम तोड़ने वालों पर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

36 हजार से अधिक केस आए सामने
गौरतलब है कि पंजाब में कोरोना वायरस से संक्रमण के 36 हजार से अधिक केस रिपोर्ट किए जा चुके हैं। बुधवार को प्रदेश में कोरोना के 1693 नए मरीज मिले थे। इसके अलावा बीमारी से 24 की मौत भी हुई थी। पंजाब में अब तक के लिहाज से बुधवार को मिले मरीजों की संख्या सर्वाधिक थी। इन मामलों को देखते हुए कैप्टन सरकार ने अधिकारियों को टेस्टिंग और ट्रैकिंग की व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ करने और हर रोज 30 हजार से अधिक सैंपल्स की जांच के लिए कहा है।