नॉन कोविड निजी अस्पतालों में कोविड एंटीजेन टेस्टिंग की अनुमति दी जाए

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रायपुर
राज्य में बढ़ते कोरोना संक्रमण की स्थिति को देखते हुए एंटीजेन टेस्टिंग बढ़ाए जाने की जरुरत पर बल देते हुए इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने राज्य सरकार से मांग की है कि नॉन कोविड निजी अस्पतालों में कोविड एंटीजेन टेस्टिंग की अनुमति आईसीएमआर गाईड लाइन के तहत दी जाए। वर्तमान परिस्थितियों में नॉन कोविड निजी अस्पतालों में केवल एनएबीएच या एनएबीएल से मान्यता प्राप्त अस्पतालों व लैब में इस टेस्ट की अनुमति आईसीएमआर गाईड लाइन के तहत दी गई है।

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष डा. अनिल जैन तथा हॉस्पिटल बोर्ड के अध्यक्ष डा. राकेश गुप्ता ने संचालक स्वास्थ्य सेवाओं को इस संदर्भ में पांच अक्टूबर को ज्ञापन दिया है। इस पत्र के माध्यम से उन्होंने शासन का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराते हुए कहा कि नॉन कोविड बीमारी वाले मरीजों जिन्हें अस्पताल में भर्ती की आवश्यकता नहीं है उनका भी टेस्ट राज्य सरकार की गाईड लाइन के अनुसार कराना जरुरी है। ऐसे में टेस्टिंग के अभाव में नॉन कोविड मरीजों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है और आपातकालीन स्थिति में उनकी जान जाने की भी आशंका बनी रहती है।

छत्तीसगढ़ में सभी मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, सामुदायिक तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में जिन्हें एनएबीएच की मान्यता प्राप्त नहीं है वे भी एंटीजेन टेस्टिंग की सुविधा उपलब्ध है, इसी प्रकार अन्य निजी अस्पतालों को भी यह सुविधा दी जा सकती। सरकारी जांच केंद्रों में तो यह टेस्ट करने के बाद मरीज की निगेटिव रिपोर्ट आने पर उसे बधाई संदेश प्रेषित किया जाता है जो कि स्वार्थ अनुचित है। इस तरह के संदेश से संक्रमित व्यक्ति लापरवाह होकर संक्रमण फैला सकता है। आईसीएमआर की गाईड लाइन के तहत एटीजेन टेस्टिंग निगेटिव आने पर लक्षण पाए जाने वाले व्यक्तियों को गाईड लाइन के अनुसार आरटी-पीसीआर कराने की आवश्यकता होती है। नॉन कोविड निजी अस्पतालों में भी एंटीजेन टेस्टिंग की उपलब्धता 24 घंटे सुनिश्चित की जानी चाहिए जिससे कि नॉन कोविड मरीजों की आपातकालीन परिस्थितियों में जांच की जा सकें।